देवभूमि की मातृशक्ति का अपमान कांग्रेस की ओछी मानसिकता का परिचायक: रुचि भट्ट
महिलाओं की तुलना बंदरों से करना कांग्रेस की महिला विरोधी सोच का प्रमाण
*देवभूमि की बेटियों पर अपमानजनक टिप्पणी कांग्रेस की संस्कृति पर सवाल: रुचि भट्ट
*कांग्रेस की पोस्ट ने ही खोली महिला सम्मान के दावों की पोल
*वीरांगनाओं की धरती की महिलाओं पर कांग्रेस की अभद्र टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण: रुचि भट्ट *
*महिलाओं के प्रति कांग्रेस का नजरिया उसकी पोस्ट से उजागर: भाजपा
देहरादून 29 अक्टूबर । भाजपा की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर महिलाओं को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देवभूमि की मातृशक्ति की तुलना बंदरों से करना कांग्रेस की संकीर्ण और महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि 29 अक्टूबर की सुबह कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर दशहरे के दौरान निकाली गई महिलाओं की पदयात्रा के दृश्यों की तुलना बंदरों के वीडियो से करते हुए टिप्पणी की गई-“अब समझ आया पहाड़ों में बंदर आ कहाँ से रहे हैं।” इस पदयात्रा में भाजपा की कई महिला नेत्रियां भी शामिल थीं। प्रदेशभर में विरोध और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बाद पोस्ट हटा दी गई, लेकिन इससे महिलाओं की भावनाओं को पहुंची ठेस कम नहीं हो जाती। कांग्रेस को इस प्रकरण पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और प्रदेश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।
श्रीमती भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की धरती वीरांगना तीलू रौतेली, गौरा देवी और बिश्नी देवी शाह जैसी साहसी महिलाओं की विरासत से समृद्ध है। तीलू रौतेली ने अदम्य वीरता का परिचय दिया, गौरा देवी और चिपको आंदोलन से जुड़ी महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया, जबकि बिश्नी देवी शाह ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन महिलाओं का जीवन साहस, स्वाभिमान और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रेरणा है। ऐसे गौरवशाली इतिहास वाले प्रदेश की महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका अविस्मरणीय रही है। महिलाओं ने दमन और लाठियों का सामना करते हुए अलग राज्य के संघर्ष में योगदान दिया। आज भी पहाड़ की महिलाएं खेती-किसानी, पशुपालन, जंगलों के संरक्षण और परिवार की जिम्मेदारियों के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूती प्रदान कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में देश का गौरव बढ़ाने वाली वंदना कटारिया जैसी बेटियां प्रदेश की प्रतिभा और सामर्थ्य का उदाहरण हैं।
भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष ने चकराता ऑडियो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों पर कथित राजनीतिक दबाव डालने, गाली-गलौज और धमकी देने से जुड़े आरोप गंभीर हैं। इन आरोपों पर प्रीतम सिंह को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और शिकायतकर्ता परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान सभी दलों की जिम्मेदारी है।
श्रीमती भट्ट ने कहा कि महिला सम्मान केवल राजनीतिक मंचों से किए जाने वाले दावों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संबंधित दलों के व्यवहार और कार्यसंस्कृति में भी दिखाई देना चाहिए। कांग्रेस को आत्ममंथन करते हुए यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके लिए महिला सम्मान वास्तव में एक सिद्धांत है या केवल राजनीतिक मुद्दा।
उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक जीवन मिलना चाहिए। देवभूमि की महिलाओं का साहस, परिश्रम और स्वाभिमान उत्तराखंड की पहचान है, और उनके सम्मान की रक्षा करना पूरे समाज का दायित्व है।