प्राचीन सिद्ध पीठ दुर्गा देवी मंदिर में चतुर्दशी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य मंगला आरती व जागरण में झूमे श्रद्धालु
जलालाबाद 25 अक्टूबर 

। कस्बा स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ श्री दुर्गा देवी मंदिर में चतुर्दशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। तड़के से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर मैया के जयकारों और घंटों की गूंज से भक्तिमय बना रहा।
दिन की शुरुआत माता की प्रतिमा के स्नान और विशेष पूजन से हुई। मुख्य पुजारी पंडित चंद्रमोहन शास्त्री और पंडित उपदेश ने मां भगवती को स्नान कराकर लौंग और इलायची का भोग लगाया। इसके बाद मंदिर परिसर में विधि-विधान से यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य यजमान लाला उपेंद्र गुप्ता व रीना गुप्ता रहे। यज्ञ में आदेश गर्ग, रोमिल मित्तल, संजीव गर्ग सहित अनेक श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं।
चतुर्दशी के अवसर पर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे नांगल, उमरपुर, कादरपुर, अंबेहटा याकूबपुर, चंदेना माल, गोसगढ़, गंदेवड़ा, भोजपुर और चोरा से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने मां के चरणों में हलवा-पूरी, इलायची दाने का भोग लगाया और नारियल, छत्र व चुनरी अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। वही मंदिर परिसर में भजन कलाकारों प्रदीप कश्यप, विशाल वालिया, महेश उपाध्याय द्वारा माता के भजनों की प्रस्तुति दी गई और आकर्षक झांकिया से श्रद्धालुओं का मन मोहा।
उत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण पारंपरिक मंगला आरती रही। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से भक्त गौरव प्रजापति, मौसम कश्यप के यहां से श्रद्धालु हाथों में जलते दीपक लिए नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए मंदिर प्रांगण पहुंचे। यहां योगी नाथ परिवार के ब्रजभूषण उपाध्याय द्वारा काली माता की विशेष पारंपरिक मंगला आरती संपन्न कराई गई।
मंदिर परिसर में लगे मेले में श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी की। खिलौनों, प्रसाद और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिले रहे। शाम को भजन मंडली ने मां के भजनों की सरिता बहाई, वहीं रात्रि जागरण में कलाकारों ने महामाई का गुणगान कर मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं।
जागरण के समापन पर तड़के मां तारावती की कथा का श्रवण कराया गया, जिसके बाद सामूहिक आरती कर हलवा-चना का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में इशू सैनी, सचिन कोरी, देव शर्मा, वंश मित्तल, निक्की, तुषार शर्मा, अभिषेक, आशुतोष और सार्थक मित्तल का सक्रिय सहयोग रहा।