उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

अपनी संस्कृति एवं कुमाँऊनी भाषा को जीवंत रखना होगा: दीपा बिष्ट

नैनीताल में शेर का डांडा रामलीला का समापन, कलाकारों को किया सम्मानित

रिपोर्ट: ललित जोशी

नैनीताल 22 अक्टूबर । सरोवर नगरी नैनीताल सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में श्रीराम तिलक और राम राज्याभिषेक के साथ रामलीला मंचन का समापन हो गया। इसी क्रम में शेर का डांडा स्थित नव सांस्कृतिक सत्संग समिति के रामलीला मैदान में देर रात पूजा-अर्चना, आरती और श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला संपन्न हुई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त शिक्षिका दीपा बिष्ट ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। इस दौरान उन्होंने कुमाऊंनी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि आज हम अपनी संस्कृति और मातृभाषा को भूलते जा रहे हैं। अपनी कुमाऊंनी भाषा को जीवंत बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने तुलसीदास के जीवन और उनके दोहों का उल्लेख करते हुए लोगों से उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

दीपा बिष्ट ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा हमारी विशिष्ट पहचान है, लेकिन इसका प्रयोग लगातार कम होता जा रहा है। नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा सिखाना और उससे जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। उन्होंने रामलीला के मंचन में जुटे सभी कलाकारों और सहयोगियों का उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नगर पालिका सभासद जितेंद्र कुमार पांडे, रमेश प्रसाद, पूर्व सभासद दीपक कुमार भोलू और समाजसेविका निर्मला पांडे मौजूद रहीं। समिति के अध्यक्ष खुशाल सिंह रावत और महासचिव पूरन चंद्र पांडे सहित अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

रामलीला समापन के अवसर पर सभी पात्र कलाकारों और सहयोगियों को भगवान श्रीराम का प्रसाद वितरित किया गया तथा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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