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उत्तराखंड पुलिस की वर्दी और ध्वज में होगा बदलाव, छाती पर लगेगा नया बैज

राष्ट्रपति पुलिस कलर से मिलेगी विभाग को नई पहचान, मोनोग्राम और टोपी के फॉरमेशन साइन भी बदलने की तैयारी; 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

देहरादून 20 अक्टूबर । उत्तराखंड पुलिस जल्द ही नए स्वरूप में नजर आ सकती है। विभाग की वर्दी पर लगाए जाने वाले प्रतीक चिह्न (इनसिग्निया), छाती पर बैज, टोपी के फॉरमेशन साइन, विभागीय मोनोग्राम और पुलिस ध्वज में बदलाव की तैयारी है। इन बदलावों के जरिए उत्तराखंड पुलिस को नई पहचान देने के साथ ही वर्दी और विभागीय प्रतीकों को नया स्वरूप देने की योजना है। पूरी प्रक्रिया पर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

छाती पर लगेगा नया बैज, टोपी के प्रतीक चिह्न भी बदलेंगे

प्रस्तावित बदलावों के तहत पुलिसकर्मियों की वर्दी पर छाती की ओर नया बैज लगाया जा सकता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की तर्ज पर बैज का डिजाइन तैयार किए जाने की चर्चा है। इसके साथ ही टोपी पर लगाए जाने वाले फॉरमेशन साइन में भी बदलाव किया जाएगा। नए प्रतीक चिह्न लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों की वर्दी पहले से अलग नजर आएगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2021 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस का मोनोग्राम जारी किया था। पुलिसकर्मी इस मोनोग्राम को अपनी बाईं बाजू पर लगाते हैं। अब इसके स्वरूप में भी बदलाव की तैयारी है। हालांकि, नए बैज और प्रतीक चिह्नों की अंतिम रूपरेखा तथा इन्हें लागू करने की प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

राष्ट्रपति पुलिस कलर से मिलेगी नई पहचान

उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर (निशान) से सम्मानित किया गया है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान यह सम्मान औपचारिक रूप से प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रपति पुलिस कलर किसी पुलिस बल के लिए महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है। यह उसकी विशिष्ट पहचान और उपलब्धियों का प्रतीक होता है।

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इस सम्मान के बाद उत्तराखंड पुलिस के विभागीय ध्वज के स्वरूप में भी बदलाव की तैयारी है। नया ध्वज लागू होने पर पुलिस विभाग के कार्यालयों, भवनों और अन्य स्थानों पर लगे पुराने ध्वज बदले जा सकते हैं। इससे विभागीय ध्वज और अन्य प्रतीक चिह्नों में एकरूपता लाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

6 नवंबर को होगा पुलिस विभाग का कार्यक्रम

उत्तराखंड का स्थापना दिवस हर वर्ष 9 नवंबर को मनाया जाता है। पुलिस विभाग की ओर से राष्ट्रपति पुलिस कलर से संबंधित कार्यक्रम 6 नवंबर को आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्यक्रम के बाद विभाग की नई पहचान से जुड़े प्रस्तावित बदलावों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

वर्दी और ध्वज बदलने पर खर्च होंगे 4 से 5 करोड़ रुपये

पुलिस की वर्दी, बैज, मोनोग्राम, टोपी के प्रतीक चिह्न और विभागीय ध्वज में बदलाव का असर सरकारी बजट पर भी पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूरी प्रक्रिया पर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें नए बैज और प्रतीक चिह्न तैयार करने, वर्दी में बदलाव करने तथा विभागीय कार्यालयों और भवनों में पुराने ध्वज बदलने का खर्च शामिल हो सकता है।

नए स्वरूप के अनुरूप वर्दी में बदलाव होने पर पुलिसकर्मियों को नए बैज और अन्य प्रतीक चिह्न लगाने होंगे। आवश्यकता के अनुसार वर्दी में भी बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक खर्च और बदलावों के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

आईपीएस अधिकारियों के कार्यालयों में भी बदलेंगे ध्वज

प्रस्तावित योजना के तहत बदलाव केवल पुलिसकर्मियों की वर्दी तक सीमित नहीं रहेंगे। आईपीएस अधिकारियों के कार्यालयों और पुलिस विभाग के विभिन्न भवनों पर लगे पुराने ध्वज भी नए स्वरूप में बदले जाएंगे। इस तरह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी, बैज, मोनोग्राम, टोपी के फॉरमेशन साइन और विभागीय ध्वज में बदलाव के जरिए विभाग को नई पहचान देने की योजना है।
यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो उत्तराखंड पुलिस की वर्दी और विभागीय प्रतीकों का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा। राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित होने के बाद यह पहल विभाग की विशिष्ट पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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