रिहायशी इलाकों में छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रदेश उद्योग एवं व्यापार मंडल
एमडीडीए के नोटिसों से हजारों कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट, व्यापार मंडल ने सर्वमान्य समाधान निकालने की उठाई मांग
देहरादून,19 अक्टूबर। प्रदेश उद्योग एवं व्यापार मंडल समिति (उत्तराखंड) ने रिहायशी इलाकों में संचालित छोटे कारोबारियों को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से व्यापार बंद करने के लिए नोटिस दिए जाने पर चिंता जताई है। सोमवार को शिवाजी धर्मशाला में प्रदेश संयोजक राजेंद्र प्रसाद गोयल की अध्यक्षता में आयोजित समिति की अति आवश्यक बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के सभी विधायकों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सर्वमान्य हल निकालने की मांग की जाएगी।
बैठक में प्रदेश संयोजक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने कहा कि देहरादून महानगर के रिहायशी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटे कारोबारी लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए दुकानें और अन्य व्यवसाय संचालित करते हैं। इनमें ज्योतिषियों, नाई की दुकानों, परचून की दुकानों, दर्जियों सहित अनेक छोटे व्यवसायों से जुड़े लोग शामिल हैं। इन कारोबारों से स्थानीय निवासियों को दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं एवं सेवाएं आसानी से उपलब्ध होती हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका भी इन्हीं पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि एमडीडीए की ओर से ऐसे कारोबारियों को व्यवसाय बंद करने के नोटिस दिए जाने से उनके सामने रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। यदि इन छोटे कारोबारियों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा तो बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो सकते हैं। इसलिए इस मामले में कारोबारियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकाला जाना आवश्यक है।
छोटे कारोबार बंद होने से बढ़ सकती है जाम की समस्या
बैठक में समिति के गढ़वाल प्रभारी विनोद गोयल ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में संचालित छोटे कारोबार स्थानीय लोगों की जरूरतों को उनके आसपास ही पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इन दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराया जाता है तो लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। इससे पहले से ही यातायात जाम की समस्या से जूझ रहे देहरादून शहर पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। साथ ही छोटे कारोबारियों के सामने बेरोजगारी की समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे नियामकीय प्रावधानों का सम्मान करते हुए छोटे व्यापारियों की आजीविका और आम नागरिकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा सके।
मुख्यमंत्री और विधायकों से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रदेश के सभी विधायकों तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाएगा। समिति की ओर से मांग की जाएगी कि रिहायशी क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों को लेकर उत्पन्न स्थिति का समाधान संवाद और आपसी सहमति के आधार पर निकाला जाए, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और शहरवासियों की दैनिक सुविधाएं भी प्रभावित न हों।
बैठक में दी होलसेल डीलर्स एसोसिएशन, आढ़त बाजार देहरादून, देहरादून डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन तथा युवा व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों के अतिरिक्त समिति के उपाध्यक्ष राजकुमार दीवान, राजकुमार अरोड़ा, कृष्ण लाल आहूजा, संदीप गोयल, मनोज गोयल, शेखर भाटिया सहित अन्य व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।