रावण की तपस्या और अत्याचार की लीला का मंचन
रावण की घोर तपस्या, ब्रह्मा जी से वरदान और वेदवती संवाद की लीला ने मोहा मन
जलालाबाद 05 अक्टूबर
। आदर्श रामलीला मंचन के अंतर्गत रविवार रात रावण तपस्या, ब्रह्मा जी द्वारा रावण, कुंभकरण एवं विभीषण को वरदान दिए जाने तथा रावण के अत्याचार और वेदवती संवाद की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लीला के दौरान दिखाया गया कि लंकापति रावण अपने भाइयों कुंभकरण और विभीषण के साथ घोर तपस्या करता है। रावण की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट होते हैं और तीनों भाइयों को वरदान प्रदान करते हैं। रावण वरदान पाकर स्वयं को अत्यंत शक्तिशाली समझने लगता है और उसके अत्याचार बढ़ने लगते हैं। वहीं विभीषण भगवान की भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने का वरदान मांगते हैं।
इसके बाद रावण के अत्याचार और वेदवती संवाद की लीला का मंचन किया गया। वेदवती की तपस्या और उसके साथ रावण के संवाद को देवराज जुनेजा व कुम्भकरण. विभीषण वेदवती आदि के किरदार को कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान दर्शकों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी पहुंचे। रामलीला कमेटी जनेश्वर सैनी. राजेश सैनी. देवेन्द्र शर्मा. राजकुमार रुहेला. सुनहरा सिंह व मंच निर्देशक अंशुल द्वारा अतिथियों को पटका पहनाकर उनका सम्मान किया