नियो मेट्रो के नाम पर सर्वे और DPR में जनता के 80–90 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप, AAP ने राज्य सरकार से मांगा हिसाब
महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

देहरादून 25 सितम्बर 2026। उत्तराखंड में नियो मेट्रो परियोजना के नाम पर सर्वे, डीपीआर कंसल्टेंसी और अन्य प्रक्रियाओं में जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को जोरदार आवाज उठाई। आम आदमी पार्टी के महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जनता के पैसे के इस्तेमाल का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
*प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया* ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार द्वारा देहरादून में नियो मेट्रो के नाम पर लंबे समय से जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए। परियोजना को लेकर सर्वे, डीपीआर, कंसल्टेंसी और अन्य तैयारियों के नाम पर सरकारी धन खर्च किया गया, लेकिन धरातल पर परियोजना को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। पार्टी का कहना है कि अनुमानतः 80 से 90 करोड़ रुपये तक की राशि इन प्रक्रियाओं में खर्च होने की बात सामने आती है। ऐसे में सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी बड़ी धनराशि किस मद में, किस एजेंसी के माध्यम से और किन कार्यों पर खर्च की गई।
*महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री* ने कहा कि जनता विकास कार्यों के लिए अपने खून-पसीने की कमाई से टैक्स देती है। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक सरकारी रुपये का पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से इस्तेमाल हो। यदि किसी परियोजना की व्यवहार्यता को लेकर वर्षों तक सर्वे और डीपीआर के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, तो सरकार को जनता के सामने पूरे खर्च का ब्यौरा रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियो मेट्रो के नाम पर देहरादून की जनता को लंबे समय से उम्मीदें दिखाई गईं, लेकिन अब परियोजना को लेकर नए विकल्पों और अलग-अलग दावों की चर्चा सामने आ रही है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पूर्व में तैयार कराई गई डीपीआर और सर्वे रिपोर्ट का क्या हुआ और उन पर खर्च की गई करोड़ों रुपये की धनराशि का क्या औचित्य है।
AAP नेताओं ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं है। जनता को समयबद्ध योजना, स्पष्ट रोडमैप, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। पार्टी ने राज्यपाल से मांग की कि नियो मेट्रो परियोजना से संबंधित अब तक हुए सभी सर्वे, डीपीआर, कंसल्टेंसी फीस और अन्य खर्चों की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने यह भी मांग की कि सरकार नियो मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति, अब तक खर्च हुई धनराशि, परियोजना की व्यवहार्यता, भविष्य की कार्ययोजना और सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
AAP *मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना* ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनेक मुद्दे मौजूद हैं। ऐसे समय में जनता के करोड़ों रुपये ऐसी परियोजनाओं की तैयारियों पर खर्च किए जाना, जिनका भविष्य स्पष्ट नहीं है, गंभीर सार्वजनिक जवाबदेही का विषय है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी विकास की विरोधी नहीं है, बल्कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की पक्षधर है। यदि कोई बड़ी सार्वजनिक परिवहन परियोजना शहर के हित में है तो उसे ठोस वित्तीय एवं तकनीकी आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए, न कि केवल घोषणाओं और सर्वे की प्रक्रिया तक सीमित रखा जाना चाहिए।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने सरकार से नियो मेट्रो के नाम पर खर्च की गई धनराशि का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की।
नियो मेट्रो से संबंधित अब तक हुए सभी सर्वे और डीपीआर का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
खर्च की गई अनुमानित 80–90 करोड़ रुपये की राशि का मदवार हिसाब जनता के सामने रखा जाए।
सर्वे एवं डीपीआर में हुए खर्च की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
संबंधित कंसल्टेंसी एवं एजेंसियों को किए गए भुगतान का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
नियो मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना जनता को बताई जाए।
सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही तय की जाए और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान सीटी मजिस्ट्रेट राकेश चंद तिवारी को आप कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पाण्डेय, हिमांशु पुण्डीर, जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, कमल राणा, शरद जैन, वि के बजाज, आकेश भट्ट, वीर सिंह, गौरव उनियाल, यामिनी आले, शुभम कुमार, चंद्रशेखर भट्ट, रेखासिंह, अफसाना सुल्तान, आदि शामिल थे।



