राज्यउत्तराखण्ड

बागेश्वर में बनेगा अत्याधुनिक ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह, पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम

देहरादून 19 मई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के दूरस्थ जनपदों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बागेश्वर जिले में जल्द ही अत्याधुनिक “हिल हेरिटेज” राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा।

राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ा गया है। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम टेलापालन, तहसील बागेश्वर स्थित 45 नाली भूमि पर बनने वाले राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से मंथन किया गया। लगभग 17.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

स्थानीय संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा मेल

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि भवन का स्वरूप ऐसा हो जो पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन आकर्षक, पर्यावरण के अनुकूल तथा स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित बनाया जाए। साथ ही दूसरे तल पर प्रस्तावित कमरों में आवश्यक बदलाव कर योजना को और अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश भी दिए गए।

एकीकृत भवन मॉडल पर रहेगा जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि अलग-अलग भवनों के निर्माण के बजाय सभी श्रेणी के अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सुविधाओं को एक ही एकीकृत भवन परिसर में विकसित किया जाए। इससे निर्माण लागत संतुलित रहेगी, रखरखाव आसान होगा और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सचिव ने विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने तथा संशोधित आगणन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों के अनुसार राज्य अतिथि गृह बनने से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बागेश्वर का प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय वास्तुकला और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रयास यह है कि यह परिसर केवल अतिथि आवास तक सीमित न रहकर प्रशासनिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बने। गुणवत्ता, मितव्ययता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि बागेश्वर को एक ऐसी आधुनिक सुविधा मिल सके जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सके।

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