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मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाओं का सम्मान

देहरादून 17 मई। Pushkar Singh Dhami ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा देश और प्रदेश का भविष्य उनकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल सराहनीय है, जो युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर परिश्रम, अनुशासन तथा आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में गुरुजनों एवं माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं, जो विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्य भी प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर Dhan Singh Rawat ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 प्रतिशत विद्यार्थी हैं, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 12 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी तथा अमर उजाला के संपादक श्री अनूप बाजपेयी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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