उत्तराखण्डराजनीति

दिल्ली में बैठ रिमोट से पार्टी चलाने वालों का दौरा नौटंकी : भाजपा

पार्टी जॉइनिंग के झूठ का गुब्बारा आंतरिक बगावत से पूरी तरह फूटा

देहरादून 9 अप्रैल। भाजपा ने कांग्रेस प्रभारी के दौरे को दिल्ली में बैठ रिमोट से पार्टी चलाने वालों की राजनैतिक नौटंकी करार दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने तंज किया कि जो अपने राज्य में कभी जीत नहीं दिला लाए, वो उत्तराखंड में खुली आंख से सत्ता की तैयारी के सपने दिखा रहे हैं। कांग्रेसी एकता के दावों पर कटाक्ष किया कि ज्वाइनिंग को लेकर फैलाए झूठ का गुब्बारे की हवा, आंतरिक गुटबाजी से पूरी तरह निकल गई है। वहीं अपने ही वरिष्ठ नेता हरदा के अपमान को शह देने वालों का ज्ञान प्रदेशवासियों को हजम नहीं होने वाला।

विभिन्न माध्यमों से मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर दिए ज़बाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभारी का दौरा उनका अंदरूनी मामला है। लेकिन इस दौरान जिस तरह के दावे वह कर रही है वो दिन में सपने देखने जैसा है। क्योंकि आज पीएम मोदी और सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश का चौमुखी विकास हो रहा है। जनता सरकार के कदमों से कदम मिलाते हुए विकसित उत्तराखंड निर्माण में आगे बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेशवासियों की नजर में उत्तराखंड का दशक लाने के संकल्प पूर्ति में भाजपा से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। विचारहीन, सिद्धांतहीन और मुद्दाविहीन पार्टी के प्रभारी अपने कार्यकर्ताओं को दिन में सत्ता के सपने दिखा रही हैं।

उन्होंने तंज किया कि जो उत्तराखंड में बदलाव का दावा कर रहे हैं उनका चुनाव में जीत दिलाने का खुद का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है। उनके अध्यक्ष काल से हरियाणा में कांग्रेसी हार का सिलसिला आज तक नहीं टूटा है। जो लोग यह समझ रहे हैं कि उनके आने से कांग्रेस की गुटबाजी कम होगी, वे बड़ी गलतफहमी में हैं। सच तो यह है कि हरियाणा में वे स्वयं कांग्रेस की आपसी कलह और गुटबाजी का पर्याय मानी जाती हैं। वहां उनके नेतृत्व में गुटबाजी का ये आलम है कि दिल्ली दरबार में आज भी फाइल खुली हुई है।

भाजपा ने उनके दौरे को राजनैतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि ये दिल्ली में बैठकर रिमोट से राज्य के संगठन को चलाने वाले लोग हैं। इनके राज्य के नेताओं की भी धरातल से पकड़ पूरी तरह समाप्त हो गई है। दरअसल प्रभारी के उत्तराखंड न आने को लेकर स्वयं कांग्रेस के भीतर जबरदस्त नाराजगी और आलोचना का माहौल था। यही वजह है है कि कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव और अपनी किरकिरी होते देख वे केवल खानापूर्ति के लिए यहाँ पहुंची हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर व्यंग किया कि कुछ दिन पहले 5 लोगों को पार्टी में शामिल कराकर जो ‘सफलता का गुब्बारा’ फुलाया गया था, वह वहां की आंतरिक बगावत से अब पूरी तरह फूट चुका है। पिछले प्रभारी के साथ स्थानीय कांग्रेस नेताओं की अदावत सभी ने देखी है। वहीं आईना दिखाते हुए कहा, जो आज भी एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, वह जनता का विश्वास कभी नहीं जीत सकते हैं।

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