यूजेवीएनएल बोर्ड बैठक में बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी, जल विद्युत विकास को मिलेगी रफ्तार

देहरादून,31 मार्च 2026। यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज सचिवालय में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव एवं यूजेवीएनएल के अध्यक्ष आनंद वर्धन ने की। बैठक में निगम से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए।
निदेशक मंडल ने राज्य में नई जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण को गति देने के उद्देश्य से कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई, जिससे इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही देहरादून जनपद में प्रस्तावित 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के लिए निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए गए। टौंस नदी पर प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू जल विद्युत परियोजना के सिविल एवं हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों के आवंटन को भी हरी झंडी दे दी गई।
इसके अतिरिक्त पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) को स्वीकृति दिलाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक ए.के. सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निदेशक मंडल के इन निर्णयों से उत्तराखंड में जल विद्युत क्षेत्र को नई दिशा मिलने के साथ ही राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।


