‘‘टीबी मुक्त भारत’’ के लिए 100 दिवसीय सघन अभियान का शुभारंभ
राज्यपाल ने जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी, उत्कृष्ट जिलों और निक्षय मित्रों को किया सम्मानित

देहरादून,24 मार्च 2026 । 


विश्व टीबी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड द्वारा ‘‘100 दिन सघन टीबी उन्मूलन’’ अभियान का शुभारंभ मंगलवार को लोक भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने किया। इस दौरान उन्होंने टीबी उन्मूलन हेतु जागरूकता फैलाने के लिए मोबाइल वैन को भी फ्लैग ऑफ किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने टीबी रोगियों को गोद लेकर उनकी नियमित निगरानी एवं मानसिक संबल प्रदान करने वाले निक्षय मित्रों को सम्मानित किया। साथ ही टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद देहरादून, ऊधमसिंह नगर एवं पिथौरागढ़ को भी सम्मानित किया गया। टीबी से स्वस्थ हुए ‘टीबी चैंपियनों’ को भी मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने ‘‘टीबी मुक्त भारत’’ अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टीबी से स्वस्थ हुए लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनके अनुभव अन्य मरीजों के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं।
उन्होंने अभियान के 100 दिनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अवधि में ठोस लक्ष्य निर्धारित कर उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने ‘‘हर दिन महत्वपूर्ण है’’ का संदेश देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिणामों का आधार बनते हैं। जागरूकता की कमी को एक बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण आज भी कई लोग इस बीमारी से अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘टीबी मुक्त भारत’’ अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण टीबी का शिकार न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को टीबी उन्मूलन एवं जागरूकता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर एनएचएम के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक एनएचएम डॉ. रश्मि पंत सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



