देहरादून: उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में 7 मामलों की सुनवाई, विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

देहरादून,17 मार्च 2026। उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में आज अध्यक्ष संजय नेगी की अध्यक्षता में विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग के समक्ष कुल 7 मामलों में पक्षकारों को सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान हरिद्वार निवासी मुकेश कुमार के नियुक्ति संबंधी प्रकरण में आयोग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता होमगार्ड में कार्यरत थे और सेवा के दौरान बीमारी से निधन हो गया था, बावजूद इसके उन्हें आश्रित कोटे में नियुक्ति नहीं दी जा रही है। विभागीय पक्ष से संतुष्ट न होने पर अध्यक्ष ने सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
देहरादून निवासी मुस्ताक आलम के पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मामले में आयोग ने लोक निर्माण विभाग को कार्मिक एवं न्याय विभाग से परामर्श लेकर शीघ्र निस्तारण करने को कहा।
हरिद्वार के राजकुमार के नियुक्ति प्रकरण में आयोग ने गंभीरता दिखाते हुए सदस्य प्रहलाद चौधरी को रुड़की स्थित कन्हैया लाल पॉलिटेक्निक में जाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 1996 से संविदा पर कार्यरत होने के बावजूद उनका विनियमीकरण नहीं किया गया है।
इसके अलावा हरपाल सिंह के सेवानिवृत्ति देयकों के मामले में विभाग ने बताया कि बोनस भुगतान लंबित है, जबकि अन्य देयक दिए जा चुके हैं। वहीं पलक सैनी के ऋण संबंधी प्रकरण में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधि ने अपना पक्ष आयोग के समक्ष रखा।
आयोग अध्यक्ष ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों में तत्काल प्रभाव से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सुनवाई के दौरान आयोग के सचिव गोरधन सिंह सहित सदस्यगण—विनोद नाथ, सतीश पाल, मोहब्बत सिंह नेगी, महेन्द्र कुमार वर्मा, सज्जाद अहमद, प्रहलाद चौधरी, डॉ. जेड.ए. अंसारी तथा अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।



