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जूट मार्क इंडिया योजना के अंतर्गत जागरूकता कार्यशाला का सफल समापन

यह कार्यक्रम भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय तथा राष्ट्रीय जूट बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया गया है

कार्यक्रम में जूट आधारित उत्पादों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई

देहरादून 15 मार्च। जूट मार्क इंडिया योजना के अंतर्गत देहरादून में जूट उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय तथा राष्ट्रीय जूट बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें जूट आधारित उत्पादों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुसुम कंडवाल, अध्यक्षा राज्य महिला आयोग उत्तराखंड ने अपने संबोधन में कहा कि जूट जैसे प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद आज के समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि जूट उद्योग महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे जूट आधारित उत्पादों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे आएं और महिलाओं द्वारा जूट से बने हुए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया और महिलाओं के कार्यों को खूब सराहा और कहा
कि जूट उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि जूट आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

विशिष्ट अतिथि किशन सिंह घुघत्याल, निदेशक राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने जूट मार्क इंडिया योजना की जानकारी देते हुए कहा कि जूट उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को बढ़ावा देने के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जूट पर्यावरण के लिए सुरक्षित, टिकाऊ और बहुपयोगी फाइबर है, जिसकी मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ रही है।

इस अवसर पर मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य अतिथियों में के.एस.मुरलीधरा (संयुक्त निदेशक, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार), शिल्पी चौहान (उप निदेशक, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार), सुनील नेवार निदेशक एम.एस.एम.ई देहरादून भी शामिल रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों तथा जागरूक नागरिकों की भी उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान जूट उद्योग से जुड़े अवसरों, जूट उत्पादों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को जूट उद्योग के माध्यम से रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जूट उद्योग को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण को अपनाने तथा महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में अभिषेक शर्मा (गुणवत्ता आश्वासन अधिकारी, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार),अनिल चंदोला,डॉ कंचन नेगी, आयुषी,केशव,हरी ओम,अंकित,आँचल,दीपांशु,प्रियांशु,स्वयं सहायता समूह की महिलायें, आदि उपस्थित रहे।

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