एफएसएसएआई नियमों में बड़े सुधार, छोटे व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत: व्यापार मंडल

देहरादून 15 मार्च। Federation of All India Vyapar Mandal एवं Doon Valley Mahanagar Udyog Vyapar Mandal की मांग तथा National Traders’ Welfare Board के विशेष प्रयासों से खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) से संबंधित नियमों में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिससे देशभर के छोटे और मध्यम व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
बताया गया कि व्यापारियों द्वारा समय-समय पर उठाए गए मुद्दों को नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के समक्ष वीसी मीटिंग और बोर्ड बैठकों के माध्यम से रखा गया था। बोर्ड के चेयरमैन Sunil J. Singhi तथा सदस्यों ने इन समस्याओं को संबंधित मंत्रालयों तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाया, जिसके बाद भारत सरकार ने नियमों को सरल बनाते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू करने का निर्णय लिया।
नए प्रावधानों के तहत 1 अप्रैल 2026 से मूल पंजीकरण के लिए वार्षिक कारोबार की सीमा 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे सूक्ष्म और लघु खाद्य व्यवसायों को अनुपालन संबंधी बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा नगर निकायों में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को अब FSSAI के अंतर्गत स्वतः पंजीकृत माना जाएगा। इससे अलग-अलग विभागों में पंजीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त होगी और देशभर के लगभग 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही FSSAI लाइसेंस को स्थायी वैधता दिए जाने से बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया भी समाप्त हो जाएगी और नियामकीय व्यवस्था का ध्यान खाद्य सुरक्षा निगरानी तथा जोखिम आधारित निरीक्षण पर केंद्रित किया जा सकेगा।
दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष Pankaj Mason ने केंद्र सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह फूड चेन से जुड़े व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल है। इससे मध्यम वर्गीय व्यापारियों को भी काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार और नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन सुनील जे सिंघी का व्यापारियों की ओर से आभार व्यक्त किया।



