उत्तराखण्डविशेष समाचार

भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने सदन मे स्वदेश दर्शन के अंतर्गत परियोजनाएं संबंधित प्रश्न किया

नई दिल्ली 13 मार्च । डा.नरेश बंसल ने पश्न किया कि क्या पर्यटन मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः-

क- स्वदेश दर्शन तथा स्वदेशन दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत संस्वीकृत परियोजनाओं की संख्या कितनी-कितनी है।
ख- अब तक पूर्ण की गई परियोजनाओं की संख्या कितनी है
ग- चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के उद्देश्य क्या हैं और इसके अंतर्गत समर्थित परियोजनाओं की श्रेणियां कौन-कौन सी हैं
घ- क्या दीर्घकालिक ब्याज रहित वित्तीय सहायता का उपयोग प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए किया जा रहा है और
ड- यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

इस प्रश्न् के उत्तर मे माननीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सदन मे बताया कि-:

क से डः पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में देश में विषयगत परिपथ विकसित करने के विचार के साथ स्वदेश दर्शन नामक अपनी योजना शुरू की और देश में पर्यटन अवसंरचना का विकास करने के लिए 5290.33 करोड़ रूपये की 76 पर्यटन संबंधी परियोजनाओं को मंजूरी दी और इनमें से 75 परियोजनाओं के भौतिक रूप से पूरा होने की सूचना है। इस योजना को स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों का विकास करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के नाम से बाद में नया रूप दिया गया। और मंत्रीयल ने 53 परियोजनाओं के लिए 2208.31 करोड़ रूपये की मंजूरी दी, जो संबंधित राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों की ओर से कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। मंत्रालय ने स्वदेश के दर्शन के तहत चुनौती आधारित गंतव्य विकास-सीबीडीडी नामक अपनी पहल के तहत राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए और 4 श्रेणियों अर्थात संस्कृति और विरासत आध्यात्मिक पर्यटन, जीवंत ग्राम और पारिस्थितिकी-पर्यटन एवं अमृत धरोहर स्थल के तहत 697.94 करोड़ रूपये की 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सीबीडीडी पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटक के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गंतव्यों का समग्र विकास करना और पर्यटन स्थलों को स्थायी और उत्तरदायी स्थलों के रूप में परिवर्तित करना है।
देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास करने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) नामक योजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के टेम्पलेट के साथ परिचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए। तद्नुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 3295.76 करोड़ रूपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।

द्वारा
निजी सचिव
डा. नरेश बंसल जी
माननीय भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा
[13/03, 8:27 pm] Indresh Kothari D I O Dun: वर्तमान में मध्य-पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के दृष्टिगत प्राकृतिक गैस शिपमेन्ट में व्यवधान के परिणामस्वरूप प्राकृतिक गैस उत्पादन आपूर्ति और वितरण के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 (अध्यावधिक) के अन्तर्गत “प्राकृतिक गैस अपूर्ति विनियम आदेश 2026” का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी महोदय, देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 13.03.2026 को प्राकृतिक गैस, घरेलू पी०एन०जी० तथा सी०एन०जी० का समान वितरण एवं निरन्तर उपलब्धता तथा किसी भी गैस एजेन्सी या होटल/प्रतिष्ठान द्वारा एल०पी०जी०, प्राकृतिक गैस या सी०एन०जी० की जमाखोरी व्यपवर्तन अथवा कालाबाजारी की शिकायत, समस्या के समाधान हेतु जनपद देहरादून के अन्तर्गत जिला प्रशासन एवं जिला पूर्ति कार्यालय की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों में तथा जनपद के 10 गैस एजेसियो में छापेमारी की गई । साथ ही होटल/रेस्टोरेन्ट / ढाबों पर छापेमारी के दौरान घरेलू गैस सिलैण्डरों का व्यवसायिक उपयोग करते पाये जाने पर 12 घरेलू गैस सिलैण्डर जब्त कर अग्रिम कार्यवाही होने तक नजदीकी गैस एजेन्सी की सुपुर्दगी में दिया गया ।

ऋषिकेश क्षेत्र में 03 गैस एजेन्सी में छापेमारी की गयी, खदरी श्यामपुर में निरीक्षण के दौरान 01 गाडी के अन्दर 37 सिलैण्डर पाये गये जिनमें रिफिलिंग की जा रही थी। अवैध रिफिलिंग करते पाये जाने पर 02 व्यक्तियों श्री अमन चौहान पुत्र इन्द्रजीत निवासी पिलखना फर्रुखावाद, उत्तर प्रदेश बताया, दूसरा व्यक्ति मौके का फायदा उठाकर लोडर से कूदकर भाग गया। अमन से उक्त व्यक्ति का नाम पता पूछा तो उसने उसका नाम श्री मुकेश कुमार चौहान निवासी कासगंज उत्तर प्रदेश हाल निवासी चोपडा फार्म, गली न०-01 श्यापुर थाना ऋषिकेश जनपद देहरादून बताया गया। दोनों व्यक्तियों के विरूद्व प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना ऋषिकेश में दर्ज की गयी ।

सहसपुर क्षेत्र में 05 गैस एजेन्सी में छापेमारी की गयी। पौंधा क्षेत्र स्थित प्राईवेट 06 पी०जी० का औचक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान गार्जन गल्स हॉस्टल में एक घरेलू सिलेण्डर प्रयोग होता पाया गया जिसे तुरन्त जब्त कर अग्रिम कार्यवाही होने तक नजदीकी गैस एजेन्सी की सुपुर्दगी में दिया गया। साथ ही सभी हॉस्टल के प्रबन्धकों को घरेलू गैस उपयोग न करने के निर्देश दिये गये।

Related Articles

Back to top button