उत्तराखण्डविधानसभा सत्र

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में तीन ‘ग्रोथ डाइवर्स’: कृषि, उद्योग और पर्यटन पर सरकार का विशेष फोकस

देहरादून 09 मार्च। आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने तीन प्रमुख क्षेत्रों—कृषि, उद्योग और पर्यटन—को विकास की धुरी बनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन तीनों क्षेत्रों को आत्मनिर्भरता की यात्रा के ‘ग्रोथ डाइवर्स’ की संज्ञा दी है। वर्ष 2026–27 के बजट में भी इन क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिल सके।
सरकार की रणनीति है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को समानांतर रूप से विकसित करते हुए ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जिससे राज्य में उत्पादकता बढ़े, निवेश आकर्षित हो और लोगों के लिए सम्मानजनक आजीविका के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं
कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाओं में बजट का प्रावधान किया है। उद्यान बीमा योजना के लिए 40 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये और कीवी व ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन योजना के लिए 30.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये, फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना में 20 करोड़ रुपये और चाय विकास योजना के लिए 25.93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सुगंधित पौधों के विकास और अन्य गतिविधियों के लिए 24.75 लाख रुपये तथा ‘महक क्रांति’ के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उद्योग क्षेत्र में निवेश और रोजगार पर जोर
उद्योग क्षेत्र को गति देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के तहत 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
इसके साथ ही मेगा इंडस्ट्रियल और मेगा टेक्सटाइल नीति के अनुदान के लिए 25 करोड़ रुपये, निवेश प्रोत्साहन, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये तथा स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
पर्यटन विकास के लिए भी बड़ा बजट
राज्य के प्रमुख आर्थिक आधार पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए भी बजट में पर्याप्त धनराशि रखी गई है। पर्यटन विभाग के राजस्व मद में 210.59 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 296.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा वैश्विक पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 18.50 करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
सरकार का मानना है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को एक साथ आगे बढ़ाकर उत्तराखंड को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है और राज्य को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई गति मिल सकती है।

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