बाहरी दिल्ली में भीषण सड़क हादसा; अनियंत्रित बस ने कई वाहनों को रौंदा, 2 की मौत, उग्र भीड़ ने लगाई चार बसों में आग व आठ – दस बसों में तोड़फोड़
नई दिल्ली (बाहरी दिल्ली) 9 मार्च। आज सुबह सोमवार को बाहरी दिल्ली के नजफगढ़-नांगलोई रोड पर एक अनियंत्रित क्लस्टर बस के कहर ने इलाके में कोहराम मचा दिया। तेज रफ्तार बस ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों और पैदल यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे का विवरण
यह दर्दनाक घटना सुबह करीब 9:45 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नजफगढ़ की ओर से आ रही एक क्लस्टर बस ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सड़क पर चल रहे एक ई-रिक्शा, स्कूटी, मोटरसाइकिल और रेहड़ी-पटरी वालों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए।
हताहतों की जानकारी
इस हादसे में अब तक दो लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। मृतकों में से एक की पहचान निहाल विहार निवासी रविकांत (33) के रूप में हुई है।
घायल: हादसे में घायल एक महिला की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज मंसा राम अस्पताल में चल रहा है। अन्य घायलों को तुरंत संजय गांधी मेमोरियल और महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुस्साई भीड़ ने बस फूंकी, भारी पुलिस बल तैनात
हादसे के तुरंत बाद इलाके में तनाव फैल गया। मौके पर मौजूद करीब 500 लोगों की उग्र भीड़ ने दुर्घटना करने वाली बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। आक्रोश इतना बढ़ गया कि भीड़ ने सड़क पर खड़ी एक अन्य डीटीसी बस को आग के हवाले कर दिया। हालांकि, गनीमत यह रही कि आग लगाने से पहले बस की सवारियां नीचे उतर चुकी थीं।
दमकल की गाड़ियों ने सुबह 11:00 बजे तक आग पर काबू पाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नांगलोई और निहाल विहार इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज कर रही है:
सड़क दुर्घटना और लापरवाही से वाहन चलाने के लिए।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आगजनी करने वाली भीड़ के खिलाफ।
इस हादसे के कारण नांगलोई-नजफगढ़ मार्ग पर घंटों तक यातायात बाधित रहा। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बस चालक और कानूनी कार्रवाई
चालक की पहचान और गिरफ्तारी: पुलिस ने बस चालक की पहचान दीपक के रूप में की है। उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया गया था और अब औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
दर्ज धाराएं: दीपक के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) या नए कानून BNS (भारतीय न्याय संहिता) की गंभीर धाराओं (जैसे लापरवाही से वाहन चलाना और लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लापरवाही के आरोप: जांच में यह बात सामने आ रही है कि हादसा बस की तेज रफ्तार और दूसरी बस के साथ ‘रेस’ (Racing) लगाने की वजह से हुआ। चश्मदीदों का कहना है कि ड्राइवर सवारियों को पहले उठाने के चक्कर में अंधाधुंध तरीके से बस चला रहा था।
मृतकों की पहचान और परिवारों की मांग
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान हो गई है।
कमलजीत (39): वह नांगलोई के निवासी थे और मोटरसाइकिल से अपने कार्यालय जा रहे थे। वह अपने वृद्ध माता-पिता के इकलौते सहारा थे।
रविकांत (33): वह निहाल विहार के रहने वाले थे और स्कूटी पर सवार थे। उनके परिवार में पत्नी और एक 5 वर्षीय बेटी है।
परिवारों की मांग: दोनों परिवारों ने दिल्ली सरकार से उचित मुआवजे और बस ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दोहरी एफआईआर (Investigation Status)
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग मोर्चों पर जांच शुरू की है:
पहली FIR: बस चालक दीपक के खिलाफ दुर्घटना के लिए।
दूसरी FIR: उन अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ जिन्होंने हादसे के बाद दूसरी क्लस्टर बस को आग के हवाले कर दिया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
भविष्य की कार्रवाई: PIL की तैयारी
एक महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि DTC कर्मचारी एकता यूनियन (DTCKEU) ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन ने घोषणा की है कि वे निजी ऑपरेटरों द्वारा अकुशल और ‘कच्चे’ ड्राइवरों को भर्ती करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे। उनका आरोप है कि निजी ठेकेदार लालच में ऐसे ड्राइवरों को रख रहे हैं जो सड़क सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखते हैं।
वर्तमान स्थिति: इलाके में भारी पुलिस बल अभी भी तैनात है ताकि शांति बनी रहे। ट्रैफिक को सुचारू कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों में अभी भी भारी रोष है।
रिपोर्ट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।



