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दून मेडिकल कॉलेज में आधुनिक गर्भनिरोधक इम्प्लांट पर दो दिवसीय ToT कार्यशाला आज से

देहरादून 8 मार्च । राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा आधुनिक गर्भनिरोधक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 9 और 10 मार्च 2026 को सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट (सिंगल रॉड) पर दो दिवसीय “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT)” कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित होगा।
कार्यशाला में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए स्त्री रोग विशेषज्ञों और प्रशिक्षक चिकित्सकों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आधुनिक गर्भनिरोधक विधियों, विशेषकर सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट के संबंध में उन्नत सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि राज्य में परिवार नियोजन सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सके।
कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीकरण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद स्वागत संबोधन तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम, गर्भनिरोधक विकल्पों के विस्तार की आवश्यकता तथा इम्प्लांट से जुड़े वैश्विक और राष्ट्रीय अनुभवों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कई तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें इम्प्लांट के उपयोग की पात्रता, क्लाइंट का मूल्यांकन, परिवार नियोजन विधियों पर परामर्श, इम्प्लांट लगाने की प्रक्रिया, इन्सर्शन के चरण, आवश्यक चेकलिस्ट तथा पोस्ट-इन्सर्शन देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। साथ ही प्रतिभागियों को मॉडल पर इम्प्लांट लगाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा तथा प्रशिक्षकों द्वारा उनकी दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा।
कार्यशाला में संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन और क्लाइंट फॉलो-अप से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे प्रतिभागी अपने-अपने जिलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।
कार्यक्रम में प्रमुख प्रशिक्षकों के रूप में डॉ. रोली सेठ, डॉ. लतिका चावला सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन, जो स्वयं भी मास्टर ट्रेनर हैं, ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक गर्भनिरोधक विधियों के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे महिलाओं को सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से चिकित्सकों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी और राज्य में मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। यह कार्यशाला उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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