राज्य स्तरीय ‘न्याय संहिता प्रदर्शनी’ के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, 24 स्कूलों के 2000 विद्यार्थियों ने किया अवलोकन

देहरादून/हरिद्वार, 08 मार्च 2026। 

7 से 11 मार्च तक आयोजित राज्य स्तरीय न्याय संहिता प्रदर्शनी के दूसरे दिन हरिद्वार में विद्यार्थियों और आमजन की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। प्रदर्शनी में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए न्याय संहिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर सीबीआई शाखा देहरादून के डीआईजी मनीष वी. सुर्ति के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया। दल ने विभिन्न तकनीकी स्टॉलों के माध्यम से न्याय संहिता के प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी हासिल की।
उन्होंने न्याय प्रणाली के चारों स्तंभ—पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक और कारागार—द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए आधुनिक न्याय प्रणाली से जुड़ी जानकारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से नागरिकों, अधिवक्ताओं, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों को न्याय संहिता की संरचना, प्रक्रिया और उसके व्यावहारिक प्रभावों को समझने में सहायता मिलती है।
प्रदर्शनी में हरिद्वार जनपद के लगभग 24 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्सर, प्राथमिक विद्यालय अनमोल भारत, महाराणा प्रताप प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय अटल भारत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय अलीपुर, पीएम श्री विद्यालय खानपुर, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ी कला, कृपाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कृपाल नगर, आनंदमयी सेवा सदन, ऑक्सफोर्ड स्कूल सहित अन्य विद्यालय शामिल रहे।
इन विद्यालयों के करीब 2000 विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जबकि आम नागरिकों की भागीदारी के साथ कुल लगभग 3000 लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों और आगंतुकों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल और रोचक माध्यमों से दी गई। इसके साथ ही साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता, उनसे बचाव के उपाय और बच्चों से जुड़े अपराधों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित लाइव नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। न्याय संहिता की प्रमुख विशेषताओं को कहानियों और दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने से लोगों में अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
आगंतुकों ने उत्तराखंड पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उत्तराखंड पुलिस ने जनता से अपील की है कि अधिक से अधिक लोग इस प्रदर्शनी में पहुंचकर न्याय संहिता से संबंधित जानकारी प्राप्त करें और इसका लाभ उठाएं।



