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राज्यपाल ने लोक भवन परिसर में ‘वसंतोत्सव–2026’ का किया भव्य शुभारंभ

भोज पत्र पर आधारित विशेष डाक आवरण का विमोचन, योग-करतब और पुष्प प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

लोक भवन,देहरादून 27 फरवरी 2026 । उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रंग-बिरंगी पुष्प प्रदर्शनी के बीच ‘वसंतोत्सव–2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज तथा प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने डाक विभाग द्वारा “भोज पत्र” विषय पर जारी विशेष डाक आवरण (पोस्टल कवर) का विमोचन किया तथा डाक विभाग, देहरादून द्वारा आयोजित डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक डाक टिकटों ने आगंतुकों का विशेष ध्यान खींचा।
इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग” रखी गई है। उद्यान विभाग द्वारा फ्लोरल हीलिंग की अवधारणा को दर्शाते हुए विशेष थीम-बेस्ड स्टॉल लगाए गए, जिनमें हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले ताजे पुष्पों से बने खाद्य पदार्थों का भी प्रदर्शन किया गया। इन स्टॉलों के माध्यम से प्रकृति की उपचारात्मक शक्ति और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में पुष्पों एवं हरियाली के महत्व को रेखांकित किया गया।
वसंतोत्सव के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (देहरादून) एवं निरामया योगम रिसर्च फाउंडेशन (हरिद्वार) द्वारा प्रस्तुत रिद्मिक योगा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं वुशु एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के बच्चों द्वारा प्रस्तुत वुशु करतबों ने लोगों में विशेष रोमांच भर दिया।
राज्यपाल ने पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने आए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी चित्रकला की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी एवं विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रदर्शकों से जानकारी भी प्राप्त की।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन परिसर में वसंतोत्सव के आयोजन से उत्सव और प्रकृति प्रेम का विशेष वातावरण बना है। उन्होंने पुष्पों की गुणवत्ता, विविधता और सुगंध की प्रशंसा करते हुए कहा कि बागवानी और पुष्प उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकते हैं।
उन्होंने ‘अरोमा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा से बने सुगंधित उत्पाद वैश्विक पहचान बना सकते हैं।
राज्यपाल ने भोज पत्र पर आधारित विशेष डाक आवरण के विमोचन को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि भोज पत्र हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसे इस आयोजन के माध्यम से जनसामान्य तक पहुँचाया गया है।
प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड भागीदारी
वसंतोत्सव–2026 में कुल 15 श्रेणियों की 55 उप-श्रेणियों में 2314 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
पेंटिंग प्रतियोगिता में 738 बच्चों की भागीदारी ने विशेष आकर्षण पैदा किया। विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार 01 मार्च 2026 को प्रदान किए जाएंगे।
343 स्टॉल, किसानों और स्वयं सहायता समूहों की मजबूत मौजूदगी
वसंतोत्सव में विभिन्न संस्थानों एवं व्यक्तियों द्वारा कुल 343 स्टॉल लगाए गए। इनमें राजकीय संस्थानों के 18 स्टॉल शामिल रहे, जहां औद्यानिक यंत्र, बायोफर्टिलाइजर, जैविक कीट नियंत्रक, अरोमा उत्पाद, शहद, मिलेट्स एवं स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
प्रदेश के सभी जनपदों से किसान, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आमजन की सुविधा हेतु फूड कोर्ट में मिलेट्स आधारित व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित उद्यान विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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