रमजान के दूसरे जुम्मे पर 12 वर्षीय फातिमा ने रखा पहला रोजा, परिवार में खुशी का माहौल

झिंझाना,शामली। माह-ए-रमजान के दूसरे जुम्मे पर कस्बे में इबादत और अकीदत का खास माहौल देखने को मिला। इसी पावन मौके पर 12 वर्षीय फातिमा, पुत्री तसलीम आलम, ने अपना पहला रोजा रखकर परिवार और मोहल्ले का नाम रोशन किया। फातिमा के पहले रोजे को लेकर घर में खास उत्साह रहा।
परिजनों ने बताया कि फातिमा ने पूरे जोश और उत्साह के साथ सुबह सहरी की और दिनभर सब्र के साथ रोजा रखा। शाम को अजान के साथ ही परिवार के लोगों ने दुआ के बाद रोजा इफ्तार किया। इस दौरान घर में खुशी का माहौल रहा और परिजनों ने फातिमा को दुआओं से नवाजा।
फातिमा ने बताया कि वह काफी समय से रोजा रखने की इच्छा रखती थी और दूसरे जुम्मे के मुबारक दिन उसने पहला रोजा रखने का फैसला किया। परिवार के बुजुर्गों ने उसे इस नेक कदम पर आशीर्वाद दिया और कहा कि छोटी उम्र में इबादत की लगन काबिले-तारीफ है।
रमजान के दूसरे जुम्मे पर कस्बे की मस्जिदों में भी नमाजियों की अच्छी खासी भीड़ रही। लोगों ने अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी। फातिमा के पहले रोजे की चर्चा पूरे मोहल्ले में रही और पड़ोसियों ने भी उसे मुबारकबाद दी।
रिर्पोट : झिंझाना से मौ० हारुन सैफी के साथ सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।

