राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में SDRF व SDMF प्रस्तावों की समीक्षा, बजट उपयोग में डुप्लीकेशन न हो—मुख्य सचिव

देहरादून 25 फरवरी। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य आपदा मोचक निधि (SDRF) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बजट व्यय में पारदर्शिता और समन्वय के निर्देश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत विभागों को तत्काल सुरक्षात्मक कार्यों के लिए सीधे उपलब्ध कराए गए बजट तथा जनपदों में जिलाधिकारियों के माध्यम से आवंटित बजट के व्यय में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन न हो। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विभागों को सीधे एवं जिलाधिकारियों के माध्यम से दिए गए बजट के सुसंगत और समन्वित क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण संबंधित विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी प्रस्तुत करें।
सिविल संरचनाओं के साथ हरित उपायों पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन के सुरक्षात्मक एवं मिटिगेशन कार्यों में सिविल स्ट्रक्चर के साथ-साथ प्लांटेशन एवं ग्रीनरी सपोर्टिंग कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि समय के साथ प्राकृतिक सुरक्षा ढांचा स्वतः विकसित हो सके।
सुरक्षात्मक कार्यों के टिकाऊपन को प्राथमिकता
बैठक में सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य संबंधित कार्यदाई विभागों एवं एजेंसियों से सुरक्षात्मक कार्यों की टिकाऊ अवधि के संबंध में जानकारी ली गई। सिंचाई विभाग ने अवगत कराया कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे प्रोटेक्शन कार्यों की टिकाऊ अवधि लगभग 25 वर्षों तक रहती है। इस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षात्मक कार्य न्यूनतम निर्धारित अवधि तक टिकाऊ बने रहें, इसके लिए कार्यों का निष्पादन गंभीरता, पारदर्शिता और टिकाऊ मानकों के अनुरूप किया जाए।
अग्रिम सुरक्षात्मक प्रस्तावों का अवलोकन
मुख्य सचिव ने चालू वर्ष में किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा अग्रिम सुरक्षात्मक कार्यों से संबंधित प्रस्तुत प्रस्तावों का भी अवलोकन किया।
बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, एस. ए. अडान्नकी, अपर सचिव विनीत कुमार, नवनीत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


