हिन्दुस्तान शिखर समागम–उत्तराखण्ड 2026 में बोले मुख्यमंत्री धामी, बोले—देवभूमि की पहचान और विकास दोनों सुरक्षित

देहरादून 25 फरवरी। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मालसी, देहरादून स्थित एक होटल में आयोजित हिन्दुस्तान शिखर समागम–उत्तराखण्ड 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनभावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले चार वर्षों में जनअपेक्षाओं के अनुसार कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने जैसे अभूतपूर्व कदम उठाकर सनातन की इस पुण्यभूमि को सुरक्षित रखने का कार्य किया है। इसके साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून लागू कर तथा धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर उत्तराखंड को एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया गया था, जिसे देवतुल्य जनता का पूर्ण समर्थन मिला। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया और उत्तराखंड देश में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में भव्य एवं दिव्य कुंभ का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में वे स्वयं 10 से अधिक बैठकों की अध्यक्षता कर चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा कुंभ आयोजन के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास” के मंत्र पर कार्य कर रही है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा, लेकिन छद्म तरीकों से देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नई खनन नीति लागू होने के बाद पिछले दो वर्षों में राज्य को हर साल 1200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पहले लगभग 400 करोड़ रुपये तक सीमित था। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने लगातार दो वर्षों तक विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 100-100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


