तीन दिवसीय जनगणना-2027 कार्यशाला का शुभारम्भ, डिजिटल माध्यम से होगी पूरी गणना

रूद्रपुर,24 फरवरी 2026 । जनगणना-2027 को शत-प्रतिशत शुद्धता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला सभागार में तीन दिवसीय जनगणना कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी ने की।
कार्यशाला में जनगणना अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक संवैधानिक गतिविधि है, जो भारतीय संविधान की संघ सूची तथा जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित की जाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण एवं निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोगी सिद्ध होते हैं। इसलिए जनगणना कार्य को गंभीरता से लेते हुए पूर्ण सावधानी के साथ त्रुटिहीन ढंग से किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनगणना-2027 वर्ष 1872 से अब तक की 16वीं तथा स्वतंत्रता के पश्चात 8वीं जनगणना होगी। यह जनगणना दो चरणों में संपन्न की जाएगी। प्रथम चरण में वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में वर्ष 2027 में जनसंख्या की गणना होगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण एक निर्धारित संदर्भ तिथि एवं समय के अनुसार दर्ज किया जाएगा।
इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय के उपनिदेशक प्रवीन कुमार ने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों का संकलन पूर्णतः डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से परिवारों से जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसके लिए वे अपने स्मार्टफोन का उपयोग करेंगे। साथ ही नागरिकों को एक निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लें तथा प्रत्येक प्रावधान, प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं को भली-भांति समझें, ताकि जनगणना कार्य पूर्ण शुद्धता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की शंका हो तो उसका समाधान कार्यशाला के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए।
कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, जिला समन्वयक एवं सांख्यिकी अधिकारी दिनेश बिष्ट, विमल प्रजापति सहित समस्त तहसीलदार, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।



