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रेंजर्स मैदान में 30वें दिव्य कला मेला का भव्य शुभारंभ,16 राज्यों के 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर शामिल

दिव्यांग सशक्तिकरण की मिसाल बना ‘दिव्य कला मेला’

देहरादून 22 फरवरी 2026 । देहरादून के रेंजर्स मैदान में रविवार को 30वें दिव्य कला मेला का भव्य उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा, संकल्प और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि मेले में प्रदर्शित रचनात्मकता आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती। उन्होंने दिव्यांग कारीगरों के उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के लिए व्यापक और संवेदनशील नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
टिहरी की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन सामाजिक परिवर्तन के सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक और अन्य क्षेत्रों में दिव्यांगजनों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।
विधायक खजान दास ने इस आयोजन को दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे मंच समाज में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को मजबूती प्रदान करते हैं।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने स्वागत संबोधन में कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त, रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने का समग्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण, विभिन्न संस्थाओं की जानकारी और रोजगार मेलों का आयोजन भी किया जा रहा है।
यह 30वां दिव्य कला मेला देशभर में आयोजित मेलों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब तक 29 स्थानों पर आयोजित मेलों में 2362 से अधिक प्रतिभागी भाग ले चुके हैं और ₹23 करोड़ से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया है। रोजगार मेलों के माध्यम से 1000 से अधिक दिव्यांगजनों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से 300 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
देहरादून में आयोजित इस नौ दिवसीय मेले में लगभग 90 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने और उपहार सामग्री प्रदर्शित कर रहे हैं।
मेले के अंतर्गत 26 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार मेला तथा 1 मार्च 2026 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक चलने वाले इस मेले में प्रवेश निःशुल्क है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल गतिविधियां और सहायक उपकरण पंजीकरण सुविधाओं के साथ यह मेला दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता, सम्मान और प्रतिभा का उत्सव बनकर उभरा है।

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