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परिवहन सुधारों में उत्तराखण्ड को बड़ी सफलता, केन्द्र से ₹125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

देहरादून 20 फरवरी । परिवहन क्षेत्र में किए जा रहे तकनीक आधारित सुधारों के लिए उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार से बड़ी उपलब्धि मिली है। पूंजीगत निवेश योजना (SASCI) 2025-26 के अंतर्गत केन्द्र सरकार ने राज्य को ₹105.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही अप्रैल से पूर्व लागू किए गए सुधारों के लिए ₹20 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान की गई है। इस प्रकार परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड को कुल ₹125 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।
यह उपलब्धि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में परिवहन क्षेत्र में लागू की जा रही नवाचार एवं तकनीक आधारित नीतियों का प्रतिफल मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिवहन सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम और वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ-साथ सुरक्षित एवं स्मार्ट परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केन्द्र से प्राप्त यह प्रोत्साहन राशि राज्य में आधुनिक परिवहन ढांचे के विकास में सहायक सिद्ध होगी।
रोड सेफ्टी के तहत इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट
सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य के हाई-रिस्क, हाई-डेंसिटी और क्रिटिकल जंक्शनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट सिस्टम लागू किया गया है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित कर उन्हें ट्रैफिक कंट्रोल रूम और ई-चालान प्रणाली से जोड़ा गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 20 स्थानों पर ANPR कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि अब तक कुल 37 लोकेशनों पर यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। इन कैमरों के माध्यम से ट्रिपल राइडिंग, ओवरस्पीडिंग और बिना हेलमेट जैसे मामलों में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक चालान किए जा रहे हैं।
विशेष बात यह है कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ANPR कैमरों के माध्यम से ग्रीन सेस की वसूली की जा रही है। इस प्रणाली के तहत वाहनों को रोके बिना ही फास्टैग वॉलेट से ग्रीन सेस स्वतः कटकर संबंधित खाते में जमा हो जाता है।
वाहन स्क्रैपिंग नीति का प्रभावी क्रियान्वयन
वाहन स्क्रैपिंग नीति के अंतर्गत पुराने वाहनों को पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों में निस्तारित करने पर जारी प्रमाण पत्र के आधार पर नए वाहन खरीदने पर विभिन्न श्रेणियों में रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
अब तक राज्य में 564 सरकारी और 5861 निजी वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है। कुल 6425 वाहनों के सापेक्ष ₹9.58 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS)
राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस क्रम में दो ATS को Preliminary Registration Certificate जारी किए जाने पर ₹2.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।
इन सभी सुधारात्मक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री के निर्देशों पर परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत के निर्देशन में किया गया है। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड परिवहन क्षेत्र में नवाचार आधारित सुधारों को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

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