मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में आवास परिषद का बड़ा कदम, प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र व सुनियोजित आवासीय योजनाएं
देहरादून,19 फरवरी 2026।
मा.पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने प्रदेश के शहरी विकास को नई गति देने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आमजन को सुनियोजित, सुविधायुक्त एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना पर मुहर लगी।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आवासीय योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर, आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और सामाजिक आवश्यकताओं को भी पूरा करें।
प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि परिषद द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य नगरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह, सामाजिक कार्यक्रम एवं अन्य आयोजनों के लिए इन्हें किफायती दरों पर उपयोग कर सकें। यह पहल मध्यमवर्गीय एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत सिद्ध होगी।
बेहतर सुविधाओं से युक्त होंगी आवासीय कॉलोनियां
समीक्षा बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भू-खण्डों एवं भवनों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। इन आवासीय योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
श्रीनगर व जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता
बैठक में श्रीनगर और जसपुर आवास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध तरीके से तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर आवासीय विकल्प मिल सकें।
लैंड पूलिंग मॉडल से होगा सुनियोजित विकास
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मॉडल से भूमि स्वामियों की सहभागिता के माध्यम से बड़ी और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी, संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर रहेगा विशेष फोकस
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि परिषद का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन प्रदान करना है। सभी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह, सीनियर असिस्टेंट नवीन शाह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
