राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया, भारतीय मुसलमान भी हिन्दू है घर वापसी करानी है – मोहन भागवत

लखनऊ। मोहन भागवत ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य मूलभूत आवश्यकता है, इन्हें व्यवसाय नहीं बनाया जा सकता। दोनों क्षेत्र समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुलभ होने चाहिए।
पश्चिमी देशों ने भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को हटाकर अपनी प्रणाली थोपी, ताकि उन्हें ‘काले अंग्रेज’ तैयार करने में सुविधा हो। अंग्रेजों ने जो बिगाड़ा, उसे सुधारने की आवश्यकता है।
शोधार्थियों से आह्वान कहा- भारत को समझने के लिए अपने ज्ञान शोध को प्रामाणिकता के साथ आगे बढ़ाएं। अज्ञानता के आधार पर भारत को नहीं समझा जा सकता। RSS प्रमुख ने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया।
संघ प्रमुख ने मंगलवार को कहा है कि – भारतीय मुसलमान भी हिंदू, घर वापसी करानी है।
संघ प्रमुख ने मंगलवार को कहा है कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। संघ प्रमुख ने बढ़ती घुसपैठ पर कहा, घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। भारत स्वार्थ नहीं देखता। दुनिया के अन्य देशों पर संकट आने पर भारत उनकी सहायता को आगे आता है। भारत सद्भावना का केंद्र है।
हम अपनी जाति की चिंता कर रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन ध्यान रखें कि हम एक बड़े समाज के लोग हैं। हिंदू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। विदेश में मनुष्य से मनुष्य का सम्बन्ध सौदा, भारत में अपने पन का है।
गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत ने स्वर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ भोजन किया। उन्होंने कहा – समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे थे। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे। सह प्रान्त सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने बैठक की प्रस्तावना रखी। सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ सम्पन्न हुआ।
रिर्पोट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी उत्तर प्रदेश/दिल्ली।