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विशेष समाचार: मंडावर में नियमों को रौंद कर यमुना का सीना चीर रही मशीनें, 24 घंटे अवैध खनन जारी, अवैध खनन रोक सके ये प्रशासन में नहीं है दम – चांदी का जूता मारते हैं हम, जुर्माना तो पुरा करेंगे ही यहां ऐसी तैसी करवाने नहीं आये है – अवैध खनन माफिया

शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली स्थित कैराना क्षेत्र के मंडावर गांव में यमुना किनारे चल रहा अवैध खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खनन माफिया सरकारी दिशा-निर्देशों और एनजीटी (NGT) के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए दिन-रात भारी मशीनों से यमुना का सीना चीर रहे हैं।
मशीनों से गहरे गड्ढे और नियम विरुद्ध कार्य-
ताजा शिकायतों के मुताबिक, मंडावर क्षेत्र में खनन के लिए निर्धारित मानकों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। प्रशासन द्वारा केवल 12 घंटे (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन मौके पर 24 घंटे भारी मशीनों (Poclain और JCB) से खुदाई की जा रही है। इसके अलावा, नियमों के अनुसार अधिकतम 1.25 मीटर गहराई तक ही खनन किया जा सकता है, लेकिन माफिया जलधारा के बीच में गहरे गड्ढे खोद रहे हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह खतरे में है।
प्रशासनिक कार्रवाई और माफियाओं के बुलंद हौसले
इस अवैध धंधे पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने पूर्व में भी कार्रवाई की है।
फरवरी 2023: प्रशासन ने खनन स्थल पर अनियमितताओं के चलते 74,94,950 रुपये का भारी जुर्माना लगाया था।
जनवरी 2025: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाया था।
फरवरी 2026: एनजीटी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश अधिकारियों को अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिना नंबर प्लेट के डंपरों का कहर-
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध रेत से लदे बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड डंपर गांव की संकरी गलियों से बेरोकटोक गुजर रहे हैं。 इन वाहनों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों का सड़क पर निकलना दूभर हो गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने अब इन वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (SDM) निधि भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन माफियाओं पर कोई प्रभावी कार्रवाई करता है या यमुना का दोहन इसी प्रकार जारी रहेगा।

अधिकारियों के बयान (Official Statements)
रोहित राजपूत (परिवहन विभाग अधिकारी): उन्होंने स्वीकार किया कि मंडावर क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड डंपरों के संचालन की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निधि भारद्वाज (उपजिलाधिकारी – SDM, कैराना): एसडीएम को हाल ही में भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें 24 घंटे मशीनों से खनन और जलधारा से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दे रहा है।
अर्चना शर्मा (सदर एसडीएम): हालांकि यह मामला मंडावर से थोड़ा अलग (कुड़ाना गांव) का है, लेकिन उन्होंने हाल ही में अवैध खनन पर छापेमारी की और लेखपाल व चकबंदी टीम से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है, जो जिले में खनन के प्रति सख्त रुख को दर्शाता है।
शिकायत की वर्तमान स्थिति (Current Status of Complaints)-
भाजपा मंडल अध्यक्ष का ज्ञापन –  फरवरी के इसी हफ्ते भाजपा मंडल अध्यक्ष फारूक चौधरी ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी है। इसमें आरोप है कि ठेकेदार वैध पट्टे की आड़ में 24 घंटे खनन कर रहा है, जबकि नियम केवल 12 घंटे (दिन के समय) की अनुमति देते हैं।
NGT और जुर्माने का इतिहास:- शिकायत में उल्लेख किया गया है कि इसी स्थल पर प्रशासन ने 28 फरवरी 2023 को ₹74,94,950 का जुर्माना लगाया था। इसके बाद जनवरी 2025 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी जुर्माना लगाया था, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का रोष:- ग्रामीण लगातार बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों और ओवरलोडिंग की शिकायत कर रहे हैं। उनका कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों से डंपर गुजरने के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है और पूर्व में मार्ग परिवर्तित करने के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है।
मुख्य आरोप जिन पर जांच जारी है :-
गहराई का उल्लंघन:- 1.25 मीटर की निर्धारित सीमा से अधिक गहरी खुदाई।
मशीनों का अवैध उपयोग:- जलधारा के बीच में पोकलैंड मशीनों से खनन।
राजस्व की हानि:- माइनिंग टैग और बिना ओटीपी (OTP) के रेत का परिवहन।                                                      अब देखना यह होगा कि इन अवैध खनन ठेकेदार पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। इनका चांदी के जूते का घमंड क्या जिला प्रशासन तोड़ पायेगा जो खुला चैलेंज प्रशासन को दे रहे हैं। जिला प्रशासन को कठोर कार्रवाई करते हुए इन अवैध खनन करने वालों की औकात बता देनी चाहिए। इनकी समंझ में आना चाहिए कि पैसे के घमंड पर अवैध खनन नहीं किया जा सकता है।

रिर्पोट – सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।

 

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