जनकल्याणकारी योजना

‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ के माध्यम से 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार की छात्रवृत्ति, हर जनपद में पांच छात्राओं को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून 11 फरवरी। अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘शी फॉर स्टेम’ विशिष्ट कार्यक्रम के तहत प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शी फॉर स्टेम योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद से पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) के क्षेत्र में स्टार्टअप आरंभ करने वाली छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों से स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की होनहार बेटियों को STEM क्षेत्रों में शिक्षा एवं करियर के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने तथा महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर सार्थक प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए इन-मोबी, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट एवं उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहित सभी आयोजकों को साधुवाद दिया और कहा कि इस दूरदर्शी पहल को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल सामाजिक या पारिवारिक जीवन तक सीमित नहीं रही है, बल्कि विज्ञान, दर्शन, खगोलशास्त्र और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभाती रही है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियां दार्शनिक विमर्श में अग्रणी थीं, जबकि लीलावती ने गणित के क्षेत्र में विश्व को नई दिशा दी। साथ ही चरक-संहिता एवं सुश्रुत-संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों के विकास में भी महिलाओं के योगदान के प्रमाण मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार उत्तराखण्ड में विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है। राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की जा चुकी है तथा टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं विकास के अनुरूप एक सुदृढ़ इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर्स, लैब्स ऑन व्हील्स, जीएसआई डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र एवं STEM लैब्स के माध्यम से विश्वस्तरीय अवसंरचना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर एवं प्री-इनक्यूबेशन लैब्स की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो शीघ्र पूर्ण होकर उत्तराखण्ड को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

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