अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम – तृतीय दिवस
देहरादून मेरा युवा भारत नैनीताल, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 9 से 13 फरवरी 2026 तक हर्मिटेज, यूजीसी–एमएमटीटीसी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में आयोजित अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तृतीय दिवस की गतिविधियाँ उत्साह, अनुशासन एवं सांस्कृतिक सौहार्द से भरपूर रहीं।
इस कार्यक्रम में बिहार राज्य के पाँच जिलों—पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली एवं समस्तीपुर—से कुल 37 युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रत्येक जिले से 7-7 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इनके साथ दो एस्कॉर्ट—मुजफ्फरपुर से चंदन एवं वैशाली से श्वेता—भी उपस्थित हैं, जो प्रतिभागियों के समन्वय एवं मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मेरा युवा भारत नैनीताल की उप निदेशक श्रीमती डॉल्वी तेवतिया में बताया कि कार्यक्रम के तृतीय दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन योग सत्र से हुई। योग सत्र का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं अनुशासित जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करना था। योग अभ्यास के उपरांत सभी प्रतिभागी नैनीताल रोपवे के माध्यम से स्नो व्यू प्वाइंट पहुँचे। कुमाऊँ मंडल विकास निगम (केएमवीएन), नैनीताल द्वारा प्रतिभागियों को रोपवे की यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई.
स्नो व्यू प्वाइंट से प्रतिभागियों ने नैना पीक तक ट्रैकिंग की। ट्रैकिंग के दौरान पर्यटन विभाग से अधिकृत टूर गाइड श्री संजीव तमता ने दल का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ट्रैकिंग के नियमों, सुरक्षा उपायों तथा नैना पीक के ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय महत्व की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने हिमालय की भव्य पर्वतमालाओं का परिचय कराते हुए पंचाचूली शृंखला के दर्शन भी कराए, जिससे प्रतिभागी अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए। इस दौरान प्रशिक्षक श्री पुष्कर दानू भी प्रतिभागियों के साथ उपस्थित रहे और पूरे ट्रैक में उनका मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया।
दिन भर की साहसिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों के पश्चात सायंकाल सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या में सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बिहार राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया। लोक नृत्य, लोकगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को साझा किया, जिससे आपसी समझ, एकता एवं राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को और अधिक मजबूती मिली।
कार्यक्रम का तृतीय दिवस युवाओं के लिए शारीरिक, मानसिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। मेरा युवा भारत नैनीताल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को देश की विविधता, संस्कृति एवं प्रकृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
