राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह में कहा— लोकतंत्र की आत्मा है हिन्दी पत्रकारिता
देहरादून/हरिद्वार,04 फरवरी 2026। 


राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को हरिद्वार में प्रेस क्लब, हरिद्वार द्वारा आयोजित “हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं लोकतांत्रिक योगदान पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का 200 वर्षों तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन से प्रारंभ हुई हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा को राष्ट्र चेतना के जागरण का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की भावनाओं, संस्कृति और आत्मा की अभिव्यक्ति है।
राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता सत्य, विवेक और मूल्यों के साथ सत्ता से प्रश्न पूछती है तथा जनहित को केंद्र में रखती है—यही लोकतंत्र की वास्तविक चेतना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं थी, बल्कि सभ्यता के पुनर्जागरण और नवभारत के निर्माण का संकल्प थी, जिसे आगे बढ़ाने में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भले ही मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा हो, लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म सदैव अपरिवर्तित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों की आवाज, नारी सम्मान की संवाहक और सामाजिक सुधार की अग्रदूत रही है।
हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह नगर केवल तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की चेतना का केंद्र है। वर्ष 2025 में हरिद्वार में आए करोड़ों पर्यटकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक और राष्ट्रनिर्माण का संदेश करोड़ों लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने मीडिया से शहर की स्वच्छता के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी आग्रह किया।
राज्यपाल ने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे जनहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र पुनर्निर्माण के प्रति अपने दायित्व को संकल्प के रूप में स्वीकार करें तथा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व गुरु बनाने की दिशा में अपनी भूमिका निभाएं।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री निर्मल पाठक ने “आजादी के बाद राष्ट्र पुनर्निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता” विषय पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी, मुख्य संयोजक सुनील पाण्डेय, संयोजक संजय आर्य, संयोजक डॉ. प्रदीप जोशी, कोष सचिव काशीराम सैनी, सांस्कृतिक सचिव आशु शर्मा, महामंत्री दीपक मिश्रा सहित संयोजक समिति के सदस्यगण एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित