वार्ड संख्या 86, सेवला कलां मे विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित
देहरादून 01 फ़रवरी । वार्ड संख्या 86, सेवला कला (प्रकाश गार्डन) में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन 

विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ लगभग 1800 से अधिक नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, तत्पश्चात वंदे मातरम् और सामूहिक हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया। छात्रों द्वारा संत शिरोमणि रविदास जी एवं श्री रामचंद्र जी के जीवन पर आधारित प्रस्तुतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक भाव से ओतप्रोत कर दिया। इस अवसर पर समाज में विशिष्ट योगदान देने वाली महिला समाजसेविकाओं तथा श्रमशील वर्ग बढ़ई, नाई, शिल्प कलाकार, राज मिस्त्री एवं सफाई कर्मचारी (पर्यावरण मित्र) को सम्मानित कर सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल ने अपने विचारोत्तेजक वक्तव्य में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा तक्षशिला, विक्रमशिला एवं नालंदा का उल्लेख करते हुए बताया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली जाति आधारित नहीं, बल्कि कर्म आधारित थी। उन्होंने टी.एस. एलियट की कविता द वेस्ट लैंड (1922) में उपनिषदों के दार्शनिक प्रभाव का उदाहरण देते हुए उपनिषदों की तीन शिक्षाओं दत्त (दान), दयाध्वम् (करुणा) और दम्यत (संयम) को आधुनिक समाज की नैतिक एवं आध्यात्मिक रिक्तता का प्रभावी समाधान बताया। इस कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली पार्षद मंजू शर्मा,सुधीर गोयल ,दिनेश शर्मा, आकाश कश्यप,सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।