उत्तराखण्डराज्य

राज्यपाल को उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने सौंपा वार्षिक प्रतिवेदन

पारदर्शिता तकनीक और नवाचार पर विशेष जोर — राज्यपाल

देहरादून, 29 जनवरी 2026।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन, देहरादून में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवि दत्त गोदियाल एवं आयोग के अन्य सदस्यों ने शिष्टाचार भेंट कर आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी राज्यपाल को दी गई।
राज्यपाल ने आयोग द्वारा अपनाई जा रही नवाचारी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग को अपनी कार्यप्रणाली में नवीन तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि लोक सेवा आयोग पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के उच्चतम मानकों पर सदैव खरा उतरे।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि आयोग के 25 वर्षों के अनुभव, चुनौतियों एवं उपलब्धियों को संकलित करते हुए एक पुस्तक का प्रकाशन किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं बेहतर कार्यप्रणाली विकसित करने में सहायता मिल सके। साथ ही उन्होंने अन्य राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रक्रियाओं (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें आवश्यकता अनुसार लागू करने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवि दत्त गोदियाल ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2025 में आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से कुल 3,149 अभ्यर्थियों की चयन संस्तुति शासन को प्रेषित की गई है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की प्रक्रिया पर भी कार्य प्रगति पर है, जिससे मूल्यांकन प्रणाली को अधिक त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से परीक्षाओं से संबंधित समस्त सूचनाएँ अभ्यर्थियों को सीधे उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों को उनके प्राप्तांक देखने की सुविधा प्रदान करने हेतु आयोग की वेबसाइट पर लॉग-इन आधारित एक नई व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
इस अवसर पर लोक सेवा आयोग के सदस्य श्री अनिल कुमार राणा, श्रीमती नंदी राजू श्रीवास्तव, डॉ. रिचा गौर, सचिव श्री अशोक कुमार पांडे, परीक्षा नियंत्रक श्री जयवर्धन शर्मा एवं व्यवस्थाधिकारी श्री सुनील भट्ट उपस्थित रहे।

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