उत्तराखण्डराजनीति

राष्ट्रपति अभिभाषण, विकासोन्मुख और कल्याणकारी सरकार की अवधारणा का खाका : भट्ट

अभिभाषण में विपक्षी हंगामा सदन का अपमान, देश कभी माफ नहीं करेगा

*अभिभाषण विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन का रोड़मैप : भट्ट*

देहरादून 28 जनवरी। भाजपा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को विकासोन्मुख और कल्याणकारी सरकार की अवधारणा का खाका खींचने वाला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, ये भाषण विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन का रोड़मैप है जिसपर हमारी सरकार को आगे बढ़ना है। उन्होंने अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, सदन के अपमान के लिए देश कभी माफ नहीं करेगा।

उन्होंने बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विकसित भारत निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला बताया। कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में 2047 तक देश को विश्व महाशक्ति बनाने के जिस मिशन को लेकर सरकार काम कर रही है। उस दिशा में इस वर्ष कैसे हम जनसहयोग से अधिक से अधिक निर्णायक प्रयास करने वाले हैं उसका खाका आज सदन में प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण ‘विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत’ निर्माण का रोड़मैप था। इसके साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण उत्थान एवं जनकल्याण के लिए समर्पित हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

उन्होंने कहा, विगत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, सुशासन, समृद्धि और गरीब कल्याण के संकल्प को धरातल पर उतारने का अभूतपूर्व कार्य किये हैं। जिसकी चर्चा करते हुए ही राष्ट्रपति ने सबका साथ-सबका विकास विजन को देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया है। सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित हमारी सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। इतना ही नहीं सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंचा है। उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि सरकार अपने इस तीसरे कार्यकाल में गरीबी की रेखा से बाहर निकले लोगों अधिक सशक्त बनाने के लिए कार्य रही है। साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन से देश के विकास में हर पाई के खर्च होने का भरोसा उनके द्वारा दिलाया गया। उन्होंने एआई के दुरुपयोग, डीप फेक और फर्जी सामग्री को लोकतंत्र के लिए खतरा के प्रति भी आगाह किया। जिस पर मिलकर विचार करने का आग्रह भी हमारी सरकार की मंशा को बताता है।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ने बताया है कि’ऑपरेशन सिंदूर’ और माओवादी उग्रवाद पर निर्णायक कार्रवाई हम कर रहे हैं। जिसका परिणाम है कि माओवाद और आतंकवाद की चुनौती काफी कम हो गई है। उनका खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता बताते हुए पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करना और ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ की सराहना, सरकार की प्राथमिकता को जाहिर करता है। सरकार की ऐसी कोशिशों से गांवों के विकास को नई गति और भ्रष्टाचार पर रोक लगना निश्चित है।

उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण के वक्त विपक्ष और कांग्रेस के लोगों के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया। कहा, ‘बंकिम चंद्र चटर्जी को जब श्रद्धांजलि दी जा रही थी, जब गुरू तेग बहादुर के बलिदान का जिक्र हो रहा था तब विपक्ष के लोग हंगामा कर रहे थे। उनके इस शर्मनाक कृत्य के लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में सांसदों से सदन चलाने में सहयोग की अपील के अपील राष्ट्रपति ने की। वावजूद इसके विपक्ष का ये हंगामा उनकी असल मंशा को प्रदर्शित करता है।

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