यूथ अगेंस्ट करप्शन गोष्ठी में राज्यपाल का आह्वान भ्रष्टाचार राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी चुनौती: गुरमीत सिंह
देहरादून, 28 जनवरी 2026। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि भ्रष्टाचार राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती है और इसके विरुद्ध निर्णायक एवं सामूहिक संघर्ष समय की आवश्यकता है। वे लोक भवन में सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित “यूथ अगेंस्ट करप्शन” विषयक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार देने और लेने—दोनों पक्षों की सोच में बदलाव नहीं आएगा, तब तक व्यवस्था में वास्तविक सुधार संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा भ्रष्टाचार को न स्वीकार करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
गोष्ठी में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं युवाओं ने सक्रिय रूप से परिचर्चा में भाग लिया। प्रतिभागियों ने भ्रष्टाचार के कारणों, उसके सामाजिक दुष्परिणामों तथा निवारण के उपायों पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान युवाओं की भूमिका, जन-जागरूकता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
राज्यपाल ने विजिलेंस विभाग एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस गोष्ठी की सराहना करते हुए कहा कि ई-गवर्नेंस, तकनीक के उपयोग और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता बढ़ी है तथा बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सजा की दर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार अनिवार्य है। भ्रष्टाचार को विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए राज्यपाल ने इसे जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्यपाल ने उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
गोष्ठी में श्री जे. एस.


पाण्डेय (पुलिस महानिदेशक, सेवानिवृत्त), श्रीमती कुमकुम रानी (न्यायाधीश, सेवानिवृत्त), श्री विपिन चंद्रा (मुख्य सूचना आयुक्त, सेवानिवृत्त), श्री योगेश कुमार देव (सूचना आयुक्त), श्री जे. एस. विर्क (डिप्टी ए.जे./एडवोकेट, माननीय उच्च न्यायालय) तथा श्री डी. एस. मान (चेयरमैन, दून इंटरनेशनल स्कूल) ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, निदेशक सतर्कता श्री वी. मुरुगेशन, डीआईजी सतर्कता श्री प्रहलाद नारायण मीणा, श्री धीरेन्द्र गुंज्याल सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।