उत्तराखण्डराजनीति

देवभूमि का प्रमाणित मॉड्यूल, देश में यूसीसी का प्रामाणिक आधार बनेगा : भट्ट

स्वदेशी प्रशंसा और विदेशी नकारत्मक एजेंसियों की आलोचना, हमारे सही होने की तस्दीक : भाजपा

*यूसीसी की सफलता से झूठ और भ्रम के विपक्षी गुब्बारे की हवा निकली : भट्ट*

देहरादून 27 जनवरी। भाजपा ने राज्य में यूसीसी के सफल और प्रभावी एक वर्ष पर समस्त प्रदेशवासियों बधाई दी है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने इसे समानता का वो प्रमाणित मॉड्यूल बताया जो देश में समान कानून का आधार बनेगा। वहीं देश में धामी सरकार की प्रशंसा और विदेशी नकारत्मक एजेंसियों की आलोचना बताती है कि हम सही रास्ते पर हैं।

उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी, भाजपा सरकार और समस्त राज्यवासियों को बधाई दी है। प्रदेश के लोगों को समान नागरिक कानून का संरक्षण देना, हमारी पार्टी के चुनावी वादों में प्रमुख था। यह वह विषय है जो भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के उद्देश्यों में शामिल है। पीएम मोदी की मार्गदर्शन में सीएम धामी ने देवभूमि को यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बनने का गौरवशाली अवसर दिया है। जनता जनता के सहयोग से इस कानून ने आज वो शुरुआती 1 वर्ष का सफर, सफलता से पूरा किया है। जिसकी उपयोगिता पर देश के अन्य राज्यों की उम्मीदें और विपक्ष की राजनीति टिकी थी।

उन्होंने कहा, आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि सवा करोड़ देवभूमिवासी इस यूसीसी के संरक्षण में समान कानूनी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जब से यह कानून अस्तित्व में आया है विवाह पंजीकरण की संख्या 200 गुणा तक बढ़ गई है। हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं कि कोई भी चोरी छिपे या धोखे से शादी कर प्रदेश में नहीं रह सकता है। इसी तरह मुस्लिम समुदाय की तीन तलाक हलाला जैसी को प्रथा पर लगभग शत प्रतिशत रोक लगाने में हम सफल हुए हैं। इस कानून ने महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश को नए मुकाम पर ले जाने का काम किया है।

हमने इस कानून के माध्यम से सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनने से जनसुविधा इस मुद्दे पर बढ़ी है। इससे धर्म के आधार पर कानूनी भेदभाव एवं पेचीदगियां पूरी तरह समाप्त हो गई हैं।

वहीं यूसीसी ने संविधान रचयिता भारत रत्न डाक्टर आंबेडकर की भावनाओं के अनुरूप में राज्य में समान कानून का स्वरूप स्थापित किया है। जो ऐतिहासिक, साहसिक निर्णय से आगे बढ़ते हुए, अन्य राज्यों के लिए एक परिपक्व मॉड्यूल का काम करेगा। क्योंकि इससे पूर्व कई राज्यों ने हमारी पहल को नजीर मानते हुए अपने अपने यहां कमेटियां बनाई हुई हैं। देवभूमि में इस कानून को लागू करने के बाद आए सामने आए परिणाम और अनुभव अन्य प्रदेशों के लिए बहुत लाभकारी साबित होने वाले हैं

वहीं विपक्षी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, जिन्हें सदन में इस कानून में कोई कमी नहीं दिखाई दी, वह बाहर जाकर इसपर जनता को बरगलाते रहे। जबकि एक वर्ष के उपरांत स्पष्ट हो गया है कि लिव इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर झूठ फैलाया गया था। जबकि इससे हमारी बहिन बेटियां की सुरक्षा और अधिकार जबदस्त वृद्धि हुई है। इन रिश्तों को लेकर परिवार की जानकारी और भविष्य के बदलाव को भी अधिकार दिया गया है। लिहाजा इस कानून की सफलता से देवभूमिवासियों के बाद आने वाले दिनों में समूचे देश का यूसीसी पर भरोसा भी बढ़ने वाला है। वहीं अब विपक्ष के झूठ, भ्रम और अफवाह के गुब्बारे की हवा पूरी तरह निकल गई है।

उन्होंने कहा, यूसीसी को लागू करना और उसके सफल एकवर्ष प्रदेश के लिए वो उपलब्धि है, जो हमेशा हमेशा के लिए इतिहास का स्वरूप ले चुकी है। वहीं विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में देवभूमि से एकसमान कानून का ये संदेश समूचे भारत को एकसूत्र में अधिक मजबूत करेगा।

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