गणतंत्र दिवस 2026 पर 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री
नई दिल्ली 25 जनवरी । देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार–2026 की घोषणा गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर दी गई है। राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों को स्वीकृति प्रदान की है, जिनमें 2 युगल (डुओ) मामले शामिल हैं। सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं।
इन पुरस्कारों में 19 महिलाएं, विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई श्रेणी के 6 व्यक्ति तथा 16 मरणोपरांत सम्मानित हस्तियां शामिल हैं। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, जनसेवा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, चिकित्सा, खेल, व्यापार एवं उद्योग, सामाजिक कार्य, सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं।
पद्म विभूषण (5)
पद्म विभूषण—देश की असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिए—से सम्मानित होने वालों में
दिवंगत श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (कला),
श्री के. टी. थॉमस (जनसेवा),
सुश्री एन. राजम (कला),
श्री पी. नारायणन (साहित्य एवं शिक्षा) और
दिवंगत श्री वी. एस. अच्युतानंदन (जनसेवा) शामिल हैं।
पद्म भूषण (13)
पद्म भूषण—उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा—से सम्मानित प्रमुख नामों में
सुश्री अलका याज्ञिक (कला),
श्री भगत सिंह कोश्यारी (जनसेवा, उत्तराखंड),
श्री ममूटी (कला),
डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु (चिकित्सा, अमेरिका),
श्री उदय कोटक (व्यापार एवं उद्योग),
श्री विजय अमृतराज (खेल, अमेरिका) सहित अन्य विभूतियां शामिल हैं।
पद्म श्री (113)
पद्म श्री—किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा—के लिए देशभर के 113 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया है। इस सूची में कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा, विज्ञान, सामाजिक कार्य, कृषि, पुरातत्व, रेडियो प्रसारण, आध्यात्मिकता जैसे विविध क्षेत्रों के योगदानकर्ता शामिल हैं।
खेल जगत से रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर भुल्लर, सविता पुनिया जैसे नामों को सम्मान मिला है, जबकि कला-संस्कृति और साहित्य में देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म श्री प्रदान किया गया है।
मार्च–अप्रैल में होगा अलंकरण
इन पुरस्कारों का औपचारिक अलंकरण समारोह राष्ट्रपति भवन में मार्च/अप्रैल 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्वारा पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पद्म पुरस्कार–2026 की यह सूची देश की विविधता, प्रतिभा और समर्पण का उत्सव है, जो भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान को वैश्विक मंच पर सम्मानित करती है।