एंटी-रैगिंग स्क्वाड की क्षमता बढ़ेगी, छात्रावासों की निगरानी होगी सख्त
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य ने किया दून मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण
देहरादून 22 जनवरी । 
दून मेडिकल कॉलेज में छात्रों की सुरक्षा को लेकर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा तथा एंटी-रैगिंग स्क्वाड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही एंटी-रैगिंग कमेटी को छात्रावासों का प्रतिदिन निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य ने दून मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एमबीबीएस-2025 बैच सहित सीनियर छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, छात्रावास, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल से जुड़ी जानकारियां लीं।
डॉ. आर्य ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा कॉलेज प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निदेशालय के दरवाजे भी छात्रों के लिए हर समय खुले हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि किसी भी समस्या की स्थिति में सबसे पहले अपने शिक्षक या मेंटर से संपर्क करें और अध्यापक को अभिभावक की तरह समझें।
निरीक्षण के दौरान कॉलेज के सुरक्षा उपायों, छात्रावास व्यवस्था, हॉस्टल स्टाफ और एंटी-रैगिंग स्क्वाड की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. आर्य ने छात्रावासों में सुझाव पेटिका लगाने के निर्देश दिए। साथ ही एंटी-रैगिंग कमेटी को निर्देशित किया कि छात्रावासों का रोजाना निरीक्षण किया जाए और एंटी-रैगिंग स्क्वाड की संख्या व क्षमता बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि ये कदम रैगिंग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और छात्रों के लिए सुरक्षित, भयमुक्त एवं सकारात्मक शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। कॉलेज प्रशासन को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि छात्र सुरक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा छात्रावासों से जुड़ी किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. अजय आर्य ने भरोसा दिलाया कि निदेशालय की ओर से कॉलेज को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
