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अखंड ज्योति सम्मेलन में बोले अमित शाह: भारतीय परंपरा में ही विश्व की सभी समस्याओं का समाधान

हरिद्वार में गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह-2026 को किया संबोधित, पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन भी किया

हरिद्वार 22 जनवरी

। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुरुवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह–2026’ को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि हरिद्वार आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम स्थल है और आज ‘अखंड ज्योति सम्मेलन’ में आकर उन्हें अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि पं. श्रीराम शर्मा जी ने आस्था, अध्यात्म और संस्कृति के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से युग निर्माण की संकल्पना प्रस्तुत की। उन्होंने हर व्यक्ति के भीतर विद्यमान परमात्मा रूपी आत्मा को जागृत करने का कार्य किया।
गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भारत के इतिहास को समझते हैं, उन्हें दृढ़ विश्वास है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय परंपरा में ही निहित है। आध्यात्मिक रूप से भारत का पुनर्निर्माण केवल देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का कालखंड था। इसी काल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई, गीता प्रेस का आरंभ हुआ और अखंड ज्योति का प्रकाश फैला। यह संयोग दर्शाता है कि ईश्वर ने उस समय को भारत के पुनर्जागरण के लिए ही निर्धारित किया था। उन्होंने कहा कि पं. राम शर्मा जी और माता भगवती देवी ने ऐसा वटवृक्ष तैयार किया, जिसकी छाया में आज 100 से अधिक देशों के 15 करोड़ से ज्यादा लोग अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर हैं।
गायत्री मंत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री शाह ने कहा कि इसके 24 अक्षर मानव के 24 गुणों से संबंधित ग्रंथियों को संतुलित करते हैं। जब ये गुण विकसित होते हैं, तो परमार्थ, वीरता और बुद्धि का विकास होता है। उन्होंने कहा कि पं. आचार्य शर्मा जी ने भक्ति को मंदिरों के गर्भगृह से बाहर निकालकर गायत्री मंत्र के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया और ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ का संदेश देकर पूरे राष्ट्र को नई दिशा और संकल्प शक्ति दी।
गृह मंत्री ने कहा कि पं. राम शर्मा जी ने धर्म और विज्ञान को एक-दूसरे का पूरक बताया, विरोधी नहीं। उन्होंने अध्यात्म को तर्क और विवेक की कसौटी पर कसकर उसे वैज्ञानिक आधार प्रदान किया। आज गायत्री परिवार में बच्चों के एक हाथ में वेद और दूसरे हाथ में लैपटॉप देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकती हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ऐसे पूर्ण विकसित भारत की संकल्पना प्रस्तुत की है, जो भौतिकता से परे आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर है। यह संकल्प आज 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज एक समय था जब लोग हिंदुत्व की बात करने में भी झिझकते थे, लेकिन आज गर्व से अपने धर्म और संस्कृति की बात कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने हरिद्वार में पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन भी किया। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह संस्थान जनसेवा और मानव कल्याण की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

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