दून मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब का दूसरा NABL ऑडिट सफल, गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी प्रयोगशाला

देहरादून 19 जनवरी। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के बायोकेमिस्ट्री विभाग की सेंट्रल लैब का दूसरा NABL (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज) ऑडिट सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि इस ऑडिट में कुछ मामूली Non-Conformities पाई गई हैं, जो प्रयोगशाला की उच्च गुणवत्ता एवं सुदृढ़ कार्यप्रणाली को दर्शाती हैं। यह ऑडिट दो कार्यदिवसों—शनिवार एवं रविवार (17 व 18 जनवरी 2026) को आयोजित किया गया। सेंट्रल लैब इस क्षेत्र की चुनिंदा NABL प्रमाणित प्रयोगशालाओं में शामिल है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में यह एकमात्र NABL प्रमाणित लैब है।
डॉ. कुशवाहा ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण, किफायती एवं सुलभ जांच सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। इससे आमजन को विश्वसनीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
NABL की ओर से ऑडिट प्रक्रिया में लीड ऑडिटर डॉ. ऋचा जोशी एवं टेक्निकल असेसर डॉ. शिप्रा गुप्ता मौजूद रहीं। दोनों असेसरों ने अपने अवलोकन में कहा कि सेंट्रल लैब के बायोकेमिस्ट्री सेक्शन द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज़ अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने लैब के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां कार्यरत सभी डॉक्टर एवं तकनीशियन अच्छी तरह प्रशिक्षित हैं और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
ऑडिट के दौरान बायोकेमिस्ट्री विभाग के समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. निधि नेगी (प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं लैब डायरेक्टर), डॉ. आरती नेगी (असिस्टेंट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं क्वालिटी मैनेजर), विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा, लैब इंचार्ज डॉ. सुनीता डी. सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी एवं डॉ. गौरव गुप्ता शामिल रहे।
प्राचार्या प्रो. (डॉ.) गीता जैन ने जानकारी दी कि अगले चरण में माइक्रोबायोलॉजी एवं पैथोलॉजी लैब को भी NABL प्रमाणन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि लैब में और किन-किन जांचों को शुरू किया जा सकता है, इसकी सूचना तीन दिन के भीतर चिकित्सा अधीक्षक के माध्यम से उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर, आधुनिक और भरोसेमंद जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

