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पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर फोरलेन हाईवे: उत्तराखंड–हिमाचल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति

देहरादून/पांवटा साहिब 16 जनवरी ।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर कॉरिडोर को अब नई पहचान मिलने जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा एनएच-07 पर 44.80 किलोमीटर लंबे खंड का चार-लेनीकरण किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी।
यह मार्ग प्रतिदिन हजारों यात्रियों, औद्योगिक और वाणिज्यिक वाहनों तथा पर्यटकों द्वारा उपयोग किया जाता है। वर्तमान में संकरी सड़कों, बढ़ते ट्रैफिक और शहरी विस्तार के कारण इस रूट पर जाम की समस्या आम थी। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए एनएचएआई ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी।
ग्रीनफील्ड हाईवे से मिलेगी बड़ी राहत
परियोजना के अंतर्गत लगभग 25 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड बायपास विकसित किया गया है, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बायपास करेगा। इससे मार्ग की लंबाई करीब 7 किलोमीटर कम होगी और यात्रा समय व ईंधन की बचत होगी।
दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा मार्ग
यह परियोजना दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से भी जुड़ेगी। इससे देहरादून शहर में प्रवेश करने वाले थ्रू-ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
दो पैकेजों में हो रहा निर्माण
परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) पर दो पैकेजों में क्रियान्वित किया जा रहा है—
पैकेज-I (पांवटा साहिब से मेदनीपुर – 18.70 किमी)
इस पैकेज की लागत ₹553.21 करोड़ है। इसके अंतर्गत 1,175 मीटर लंबा चार लेन यमुना नदी पुल बनाया गया है।
पैकेज-II (मेदनीपुर से बल्‍लूपुर – 26.10 किमी)
इस पैकेज की लागत ₹1,093 करोड़ है। इसमें अंडरपास, सर्विस रोड और शहरी बायपास शामिल हैं।
परियोजना की कुल लागत ₹1,646.21 करोड़ है। इससे कुल 25 गांव प्रभावित हैं, जिनमें 21 उत्तराखंड और 4 हिमाचल प्रदेश में हैं।
वर्तमान स्थिति
परियोजना के अधिकांश पुल, अंडरपास और संरचनात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं। अंतिम चरण का पेवमेंट कार्य फरवरी 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। अब तक 31.50 किलोमीटर खंड पर यातायात संचालन शुरू कर दिया गया है।
आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था
इस हाईवे पर कई अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं—
• यमुना और आसन नदी पर चार लेन पुल
• थ्री बीम क्रैश बैरियर
• एंटी-ग्लेयर स्क्रीन
• 24×7 निगरानी के लिए PTZ कैमरे
• आधुनिक साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और स्ट्रीट लाइट
• हरित कॉरिडोर के लिए व्यापक पौधारोपण
जनता को मिलेगा बड़ा लाभ
परियोजना पूरी होने के बाद—
• पांवटा साहिब से देहरादून का सफर 2 घंटे से घटकर मात्र 35 मिनट रह जाएगा
• देहरादून को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
• व्यापार, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
• स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
भविष्य में यह कॉरिडोर देहरादून–मसूरी मार्ग से भी जुड़ेगा, जिससे मसूरी जाने वालों को सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी।
एनएचएआई की यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार लाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगी। पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर फोरलेन हाईवे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड और हिमाचल के विकास का मजबूत आधार बनेगा।

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