ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस देश में प्रथम, प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्कृष्ट सेवा के लिए एसडीआरएफ सम्मानित
देहरादून,07 जनवरी, 2026। श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड एवं मुख्य प्रवक्ता, पुलिस मुख्यालय द्वारा आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में मीडिया बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों—ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) 2.0 रैंकिंग में प्रथम स्थान तथा प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की सराहनीय भूमिका की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक एसडीआरएफ, श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे, पुलिस अधीक्षक (अपराध), उत्तराखण्ड सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड का उत्कृष्ट प्रदर्शन
उत्तराखण्ड पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग एवं न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा प्रकाशित CCTNS/ICJS प्रगति डैशबोर्ड की मासिक रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस ने 93.46 अंकों के साथ देश में प्रथम स्थान


प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में हरियाणा 93.41 अंकों के साथ दूसरे तथा असम 93.16 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 तक ICJS 2.0 को पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक एवं फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाना है। उत्तराखण्ड ने अधिकांश मॉड्यूल्स का समय से पूर्व एकीकरण कर इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के सभी जिलों में केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य एवं न्यायिक प्रक्रियाओं का एकीकृत संचालन संभव हुआ है। अधिकारियों को दिए गए व्यापक प्रशिक्षण तथा “One Data, One Entry” की अवधारणा के तहत CCTNS, e-Courts एवं e-Prisons के सुदृढ़ समन्वय से जांच एवं अभियोजन प्रक्रिया को नई गति मिली है।
प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की सराहनीय भूमिका
प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अनुरोध पर उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की एक कंपनी को ड्यूटी पर तैनात किया गया। सेनानायक एसडीआरएफ के नेतृत्व में 112 सदस्यीय दल ने 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज सहित अन्य अति संवेदनशील क्षेत्रों में वाटर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता, भीड़ प्रबंधन एवं समन्वित रेस्क्यू कार्यों में अनुकरणीय सेवाएं दीं।
एसडीआरएफ के इस उत्कृष्ट, अनुशासित एवं समर्पित योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी अधिकारियों एवं जवानों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पुलिस महानिरीक्षक श्री सुनील कुमार मीणा द्वारा एसडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों को प्रदान किया गया।
डीजीपी ने दी बधाई
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ ने CCTNS टीम सहित उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, तकनीकी नवाचार एवं सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं साक्ष्य-आधारित होगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि e-Sakshya, e-Summons, Nyaya Shruti जैसे उन्नत मॉड्यूल्स के व्यापक उपयोग से राज्य में डिजिटल न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान एसडीआरएफ की सेवाओं की सराहना करते हुए डीजीपी महोदय ने भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा एवं पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने की शुभकामनाएं