उत्तराखण्डकानून व्यवस्था

2025 में उत्तराखण्ड एसटीएफ का बड़ा प्रहार, गैंगस्टर, ड्रग माफिया और साइबर अपराधी तक शिकंजा

18 इनामी अपराधी गिरफ्तार, 54 ड्रग तस्कर दबोचे, ₹22.86 करोड़ की ड्रग्स जब्त

*जीरो टॉलरेंस के साथ जारी रहेगा संगठित अपराध के विरुद्ध अभियान— *

देहरादून 05 जनवरी। नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड* ने आज एसटीएफ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि *दिनांक 01 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025* तक की अवधि में उत्तराखण्ड STF द्वारा संगठित अपराध, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, शस्त्र एवं नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली दवाइयों के अवैध कारोबार, साइबर अपराध, वन्यजीव तस्करी तथा अन्य गंभीर अपराधों के विरुद्ध निरंतर एवं प्रभावी कार्यवाहियाँ की गई हैं। इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ ने बताया कि—

*इनामी एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी*
•एसटीएफ टीमों द्वारा विभिन्न अपराधों में संलिप्त *18 इनामी एवं लंबे समय से फरार अपराधियों* को देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया। इनमें जनपद चमोली में हत्या के मामले में *25 वर्षों से फरार 02 लाख रुपये के इनामी अभियुक्त सुरेश शर्मा* की गिरफ्तारी उल्लेखनीय है।
•इसके अतिरिक्त भा.द.वि. एवं अन्य अधिनियमों के अंतर्गत वांछित *26 अभियुक्तों* को भी गिरफ्तार किया गया।

*शस्त्र अधिनियम एवं संगठित अपराध*
•शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत *20 पिस्टल, 02 तमंचे, 24 मैगजीन एवं 63 जिंदा कारतूस बरामद कर 09 अभियुक्तों* को गिरफ्तार किया गया।
•कुख्यात गैंगस्टर *विनीत शर्मा उर्फ चीनू पंडित गैंग के 02 शूटरों* को 03 पिस्टल, 01 तमंचा व 12 जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया।
•रुड़की क्षेत्र में जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों में *बाल्मीकी गैंग के विरुद्ध* अभियोग पंजीकृत कर गैंग के सक्रिय सदस्यों मनीष उर्फ बॉलर, पंकज अष्टवाल व निर्देश पत्नी रजनीश को कनखल जनपद हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया साथ अभियोग की विवेचना के दौरान प्रकाश में आये अभियुक्त 1. शेर सिंह, 2. हसन जैदी व आकाश सक्शेना को गिरफ्तार किया गया।

*नकली दवाइयों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही*
•नकली दवाइयों के अवैध कारोबार में संलिप्त *12 सक्रिय अपराधियों* को गिरफ्तार किया गया।
•*658 आउटर बॉक्स, 2400 ग्राम जिंक पाउडर, 263 किलोग्राम पैरासिटामोल पाउडर, 12.540 गोली एवं 16,200 जायडस गोलियां* बरामद कर सीज की गईं।
•06 अवैध फैक्ट्रियों को सीज किया गया तथा साईं फार्मा के बैंक खाते में लगभग *14 करोड़ रुपये* के संदिग्ध लेन-देन की जांच कर अग्रिम कार्यवाही की गई।

*वन्यजीव अपराध*
•वन्य जीव जंतु अधिनियम के अंतर्गत *05 भालू की पित्त, 05 नाखून एवं एक हाथी दांत बरामद कर 06 अभियुक्तों* को गिरफ्तार किया गया।

*अन्य प्रमुख कार्यवाहियाँ*
•आर्मी वर्दी के दुरुपयोग में *01 अभियुक्त* को फर्जी पहचान पत्र सहित गिरफ्तार किया गया।
•*तनिष्क शोरूम लूट कांड (₹3.70 करोड़)* में वांछित अभियुक्त मो. राहुल उर्फ मो. शाकीब नि. बिहार को गिरफ्तार किया गया।
•उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने का प्रलोभन देन के क्रम में अभियुक्त *हाकम सिंह व पंकज गौड़* को गिरफ्तार किया गया।
•धामावाला बाजार, देहरादून में *22,000 से अधिक नकली सिगरेट* बरामद कर अभियोग पंजीकृत किया गया।
•थाना प्रेमनगर के बिधोली क्षेत्रान्तर्गत एक रिजॉर्ट में छापेमारी कर *जुआ/कसीनो से संबंधित अवैध गतिविधियों में संलिप्त 09 व्यक्तियों* के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गई।
•पटेलनगर क्षेत्र में रह रहे *05 बांग्लादेशी नागरिकों को उद्वासित* किया गया।
•*अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार आपूर्ति से जुड़े अभियुक्त कामरान अहमद* को महाराष्ट्र क्राइम ब्रान्च के साथ दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।

*साइबर अपराध*
•विभिन्न क्षेत्रों से कुल *09 साइबर अपराधियों* को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड एवं नकदी बरामद की गई।

*ANTF (नारकोटिक्स नियंत्रण) की कार्यवाही*
•एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत *34 प्रकरणों में 54 अभियुक्तों* को गिरफ्तार कर *17 किलो 516 ग्राम चरस, 14 क्रिगा 465 ग्राम अफीम, 03 किलो 763 ग्राम हेरोईन, 434 किलो 748 ग्राम गांजा, एवं 7.600 ग्राम एमडीएमए* बरामद किया गया।
•बरामद नशीले पदार्थों का अनुमानित मूल्य *₹ 22 करोड़ 86 लाख 27 हजार 900* है।
•PIT NDPS के अंतर्गत 28 प्रकरण शासन को प्रेषित किए गए, जिनमें से 02 मामलों में कार्यवाही के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

*श्री दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने एसटीएफ की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2025 के दौरान संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े अपराधों के विरुद्ध की गई यह सख्त कार्यवाही राज्य पुलिस की पेशेवर दक्षता, अंतर-राज्यीय समन्वय एवं प्रतिबद्ध नेतृत्व का परिणाम है। भविष्य में भी राज्य पुलिस द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे अभियानों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

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