तुलसी मंदिर प्रांगण में श्री महाकाल सेवा समिति द्वारा भव्य भागवत कथा का शुभारंभ
भागवत कथा के प्रथम दिन ग्रंथों के महात्म्य का हुआ विस्तार
देहरादून 05 जनवरी । 

शहर के तुलसी मंदिर प्रांगण में श्री महाकाल सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुआ। कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से आचार्य श्री सुभाष जोशी जी ने भक्तों को भागवत महात्म्य, धुंधकारी प्रसंग एवं भगवान विष्णु के विविध अवतारों की दिव्य कथाओं का भावपूर्ण वर्णन सुनाया।
कथा के दौरान व्यास श्री ने कहा कि “जिस व्यक्ति के पास भागवत ग्रंथ का अध्ययन करने का समय नहीं है, वह श्रद्धा से भागवत कथा का श्रवण करे। भागवत का श्रवण भी उतना ही पुण्यदायी है, जितना उसका पाठ। जीवन में अच्छे विचारों को अपनाकर ही मानव अपने जीवन को सफल बना सकता है।”
उन्होंने भागवत महात्म्य का विस्तार करते हुए बताया कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को दिशा देने वाला दिव्य ग्रंथ है, जो मनुष्य को सदाचार, सेवा और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कथा के दौरान प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने मंदिर प्रांगण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। कथा उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिवस
आरती के पश्चात सीमित द्वारा प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
इन गणमान्य लोगों ने दी उपस्थिति
इस अवसर पर श्री महाकाल सेवा समिति के संरक्षक श्री सुधीर जैन, अश्वनी अग्रवाल, एम.पी. गोयल, समिति अध्यक्ष रोशन राणा सहित संजीव गुप्ता, बालकृष्ण शर्मा, नितिन अग्रवाल, आयुष जैन, विनय प्रजापति, गौरव जैन, राहुल माटा, शिवम गुप्ता, विक्रम, अनुष्का राणा, कृतिका राणा, सुशील वाधवा सहित अनेक श्रद्धालु एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
भागवत कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। समिति द्वारा आगामी दिनों में भी कथा को भव्य रूप से संपन्न कराने की तैयारियां की गई हैं।
