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हाउस ऑफ हिमालयाज से अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाए: मुख्य सचिव

6वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

देहरादून 31 दिसम्बर । मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालयाज की छठी बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में अध्यक्ष एवं निदेशक मंडल द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक सुश्री झरना कमठान ने हाउस ऑफ हिमालयाज की अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज से अधिक से अधिक क्लस्टर लेवल फेडरेशन्स (सीएलएफ) एवं स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सीएलएफ और स्वयं सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि इनके उत्पादों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र किया जाए।
उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जीआई टैगिंग एवं जैविक प्रमाणीकरण के महत्व पर बल दिया तथा इस दिशा में ठोस कार्य किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उत्पादों के एमआरपी निर्धारण के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी मैकेनिज्म विकसित किए जाने की भी बात कही।
मुख्य सचिव ने हाउस ऑफ हिमालयाज की वेयरहाउस एवं स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में एक बड़े वेयरहाउस हब की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने रॉ मैटीरियल और उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सगंध पौधा केन्द्र एवं दून सिल्क फेडरेशन के साथ शीघ्र एमओयू किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, एयरपोर्ट्स एवं मेट्रो स्टेशनों पर आउटलेट्स की संख्या बढ़ाने तथा विभिन्न राज्यों में बन रहे यूनिटी मॉल्स में हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों के लिए आउटलेट्स स्थापित किए जाने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी आउटलेट्स को स्पष्ट उत्पाद बिक्री लक्ष्य दिए जाएं और बेहतर प्रदर्शन करने वाले आउटलेट्स को प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) प्रदान की जाए, ताकि अन्य आउटलेट कर्मी भी प्रेरित होकर बेहतर कार्य कर सकें।
बैठक में पूर्व मुख्य सचिव श्री इंदु कुमार पाण्डेय, पूर्व निदेशक एलबीएसएनएए श्री राजीव चोपड़ा, सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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