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8 मार्च 2026 तक सभी सरकारी स्कूल गर्ल्स टॉयलेट से होंगे सैचुरेट: मुख्य सचिव

देहरादून 30 दिसम्बर । प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को 8 मार्च, 2026 तक गर्ल्स टॉयलेट से सैचुरेट किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में शौचालयों की नियमित सफाई एवं रखरखाव के लिए शीघ्र प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह निर्देश मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकांश विद्यालयों में शौचालय उपलब्ध हैं, लेकिन सफाई और देखरेख की समुचित व्यवस्था न होने से उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शौचालयों की उपलब्धता और उनकी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत वर्क प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों का 2 से 3 दिवसीय शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि बच्चे अपने राज्य की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पर्यटन विशेषताओं से परिचित हो सकें।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनवाड़ी केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के सीएसआर फंड का पूर्ण उपयोग किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अपने आसपास के आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने तथा नए आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के समीप स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
खेल विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध खेल अवसंरचना का वर्षभर अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को जल्द प्रारंभ करने तथा वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए अभी से भविष्य के खिलाड़ियों की पहचान और प्रशिक्षण की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। प्रतियोगिताओं के माध्यम से 1000 से 1500 प्रतिभावान बच्चों को चिन्हित करने तथा “वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट” की अवधारणा को लागू करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों और उनके जनपद स्तरीय कार्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति को आईएफएमएस सिस्टम से जोड़ते हुए प्रदेशभर में लागू करने के लिए आईटीडीए को शीघ्र मैकेनिज्म तैयार करने को कहा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने “वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” के अंतर्गत प्रदेश के 5 से 7 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चिन्हित करने तथा प्रत्येक जनपद द्वारा अपनी श्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की सूची साझा करने के निर्देश दिए। साथ ही “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” के माध्यम से स्थानीय त्योहारों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, श्री प्रशांत जोशी, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री बृजेश कुमार संत, श्री दीपक रावत, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री सी. रविशंकर, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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