धर्म रक्षक धामी – सनातन का नया चेहरा नामक पुस्तक का विमोचन , क्रार्यक्रम के अध्यक्ष जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राज राजेश्वराश्रम जी महाराज ने किया पुस्तक का विमोचन

हरिद्वार। पावन नगरी हरिद्वार स्थित ऋषिकुल सभागार में आयोजित “धर्म रक्षक धामी — सनातन का नया चेहरा” पुस्तक के भव्य विमोचन समारोह में निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य डॉ स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज की पावन उपस्थिति रही।
- 🌸इस गरिमामय अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम जी महाराज ने की, जिनकी दिव्य उपस्थिति ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।🌸
🌸मंच पर सनातन धर्म के प्रतिष्ठित संत-महापुरुषों, महामंडलेश्वरों एवं राष्ट्रसेवकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। मंचासीन प्रमुख संतों एवं अतिथियों में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य श्री महंत स्वामी रविन्द्र पूरी जी महाराज, निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य डॉ. स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल आदरणीय भगत सिंह कोश्यारी जी, महामंडलेश्वर पूज्य ललितानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी रूपेंद्र प्रकाश जी महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी शाश्वतानंद जी महाराज, नैनीताल के सांसद आदरणीय श्री अजय भट्ट जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज जैसी विशिष्ट विभूतियाँ प्रमुख रूप से सम्मिलित रहीं।🌸
🌸यह पुस्तक लेखिकाद्वय सोनाली मिश्रा एवं रीना मानसेरा द्वारा रचित है, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में किए गए कार्यों, सनातन संस्कृति के संरक्षण, धर्म आधारित निर्णयों, जनहितकारी नीतियों तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास हेतु उठाए गए ऐतिहासिक कदमों का तथ्यात्मक एवं भावपूर्ण चित्रण किया गया है। पुस्तक यह स्पष्ट करती है कि किस प्रकार श्री धामी जी ने शासन को सेवा, साधना और संकल्प से जोड़ते हुए “धर्म एवं विकास” का संतुलित मॉडल प्रस्तुत किया है।🌸
🌸पूज्य गुरुजनों के आशीर्वचनों ने समारोह को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “धर्म एक ही है और वह सनातन है, क्योंकि उसमें सत्य, करुणा, मर्यादा और लोककल्याण निहित है।” उन्होंने कहा कि जब शासन धर्मनिष्ठ हाथों में होता है, तब समाज स्वतः सुदृढ़ होता है।
रिर्पोट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।
