एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री को लेकर गढ़वाल मंडल के अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

देहरादून 22 दिसम्बर। एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत राज्य के समस्त किसानों की डिजिटल आई.डी. तैयार किए जाने हेतु फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रभावी रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से राजस्व एवं कृषि विभाग के गढ़वाल मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव, कृषि/राजस्व श्री एस.एन. पाण्डेय ने की, जबकि आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरू की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि श्री चिन्मय मेहता एवं श्री हर्षद पटेल, सलाहकार, भारत सरकार द्वारा एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विस्तृत जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि देश के समस्त किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने एवं उनकी पहचान को डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा फार्मर रजिस्ट्री की शुरुआत की गई है। फार्मर रजिस्ट्री एक केंद्रीय डाटाबेस है, जिसमें पंजीकरण के पश्चात किसानों को एक यूनिक 11 अंकों की डिजिटल पहचान (फार्मर आई.डी./किसान आई.डी.) प्रदान की जाएगी। यह आई.डी. ई-केवाईसी एवं फील्ड वेरीफिकेशन पूर्ण होने के बाद जनरेट की जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि उत्तराखंड राज्य में जनपद देहरादून की तहसील कालसी के राजस्व ग्राम क्यारी एवं लाटौ तथा तहसील त्यूनी के राजस्व ग्राम हनोल एवं कांडा में अगस्त 2025 के दौरान फार्मर रजिस्ट्री की पी.ओ.सी. (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट) भारत सरकार की टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी है। इन ग्रामों में प्रायोगिक रूप से 128 काश्तकारों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है।
यह भी बताया गया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा, जिसमें कृषि विभाग के कार्मिक रजिस्ट्रेशन अधिकारी तथा राजस्व विभाग के कार्मिक/अधिकारी वेरीफायर एवं एप्रूवर की भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा। प्रथम चरण में पी.एम. किसान योजना के लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी, जिससे योजना की आगामी किश्तों के भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
फार्मर रजिस्ट्री से कृषकों की सटीक जानकारी उपलब्ध होने के कारण सरकार को विभिन्न नीतियों के नियोजन एवं निर्धारण में सहायता मिलेगी। साथ ही कृषकों को आपदा राहत, कृषि सब्सिडी, फसल ऋण, बीमा योजनाओं सहित विभिन्न किसान कल्याण कार्यक्रमों का लाभ सुगमता से प्रदान किया जा सकेगा तथा योजनाओं के अनुश्रवण में भी यह प्रणाली सहायक सिद्ध होगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, मुख्य कृषि अधिकारी सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।